दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं
मसौदे के अनुसार, डाटा फिड्यूशरी को यह जांच करनी होगी कि बच्चे के माता-पिता के रूप में खुद की पहचान बताने वाला व्यक्ति वयस्क है और भारत में लागू कानून का पालन करने वाला है। डाटा फिड्यूशरी बच्चों का डाटा केवल उस समय तक ही रख सकेंगे, जिसके लिए सहमति दी गई है। इसके बाद इसे हटाना होगा।
मसौदा नियमों की कुछ प्रमुख बातें
- उपभोक्ताओं को अपने डेटा पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।
- उपयोगकर्ता अपने डेटा को हटाने की मांग कर सकेंगे।
- कंपनियों को अपने व्यक्तिगत डेटा के बारे में अधिक पारदर्शी होना होगा।
- उपभोक्ताओं को यह पूछने का अधिकार होगा कि उनका डेटा क्यों एकत्र किया जा रहा है।
- डेटा उल्लंघन के लिए 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
नियमों में बिक्री के लिए सामान देने वाला विक्रेता शामिल नहीं
नियमों में 'ई-कॉमर्स इकाई' को ऐसे किसी भी व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया है जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म का स्वामित्व या प्रबंधन करता है, लेकिन इसमें परिभाषित ई-कॉमर्स इकाई के बाजार में बिक्री के लिए सामान या सेवाओं की पेशकश करने वाला विक्रेता शामिल नहीं है।
ऑनलाइन गेमिंग मध्यस्थ और सोशल मीडिया गेमिंग मध्यस्त
मसौदा नियमों के अनुसार, 'ऑनलाइन गेमिंग मध्यस्थ' का तात्पर्य किसी ऐसे मध्यस्थ से है जो अपने कंप्यूटर संसाधन के उपयोगकर्ताओं को एक या अधिक ऑनलाइन गेम तक पहुंचने में सक्षम बनाता है, और 'सोशल मीडिया मध्यस्थ' से तात्पर्य सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) में परिभाषित मध्यस्थ से है, जो मुख्य रूप से या पूरी तरह से दो या अधिक उपयोगकर्ताओं के बीच ऑनलाइन बातचीत को सक्षम बनाता है और उन्हें अपनी सेवाओं का उपयोग करके जानकारी बनाने, अपलोड करने, साझा करने, प्रसारित करने, संशोधित करने या उस तक पहुंचने की अनुमति देता है।
डीपीडीपी अधिनियम के मसौदे में क्या?
मसौदा अधिसूचना में कहा गया है, 'डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (2023 का 22) की धारा 40 की उप-धाराओं (1) और (2) की तरफ से प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार की तरफ से अधिनियम के लागू होने की तिथि को या उसके बाद बनाए जाने वाले प्रस्तावित नियमों का मसौदा, इससे प्रभावित होने वाले सभी व्यक्तियों की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है।' मसौदा नियमों में डिजिटल डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के तहत व्यक्तियों की सहमति प्रसंस्करण, डेटा प्रसंस्करण निकायों और अधिकारियों के कामकाज से संबंधित प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।