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कोरोना : डॉ. वीके पॉल बोले- टीका लेने के बाद अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 75-80 फीसदी तक होगी कम

Fri, 18 Jun 2021 05:17 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नीति आयोग के सदस्य(स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि  टीका लेने के बाद व्यक्तियों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने की संभावना भी 8 फीसदी से कम हो जाती है।
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डॉ. वीके पॉल - फोटो : ANI
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विस्तार
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नीति आयोग के सदस्य(स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि अध्ययनों से पता चलता है कि टीका लेने के बाद व्यक्तियों में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 75-80 फीसदी तक कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने की संभावना भी 8 फीसदी से कम हो जाती है। साथ ही टीकाकरण वाले व्यक्तियों में आईसीयू में भर्ती होने का जोखिम केवल 6 फीसदी तक रहती है।  

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डॉ पॉल ने यह भी कहा कि कोरोना वेरिएंट आते रहेंगे और बढ़ते रहेंगे और इसपर काबू पाने के लिए हमारे फॉमूर्ले में कोई बदलाव नहीं आएगा। नए वेरिएंट के आने से पहले हमें उससे बचने के लिए तैयार रहना चाहिए। डॉक्टर वीके पॉल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वैक्सीन हजारों लोगों की जिंदगी बचा रही है इसलिए इसे जरूर लगवाएं।

वहीं, बच्चों की एम्स और डब्ल्यूएचओ की सर्वे पर ये पाया गया कि सीरो पॉजिटिविटी बड़ों के समान ही बच्चों में भी रही है। उन्होंने कहा कि तैयारी के तौर पर कमी नहीं होगी. वहीं उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन में नई गाइडलाइन के हिसाब से 21 जून से काम होगा. निजी सेक्टर की भूमिका चिन्हित है।
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जानें क्या है यह सीरो पॉजिटिविटी
सीरो पॉजिटिविटी की जांच करने के लिए रक्त से सीरम को अलग कर लिया जाता है और फिर इस सीरम में मौजूद अन्य पदार्थों और सूक्ष्म तत्वों की हर स्तर पर जांच की जाती है। यदि इस सीरम में ऐंटिबॉडीज पाई जाती हैं, जो वायरस को खत्म करने में प्रभावी होती हैं तो इसी सीरो इम्युनिटी या सीरो पॉजिटिविटी कहते हैं।  

स्कूल खोलने को लेकर डॉ. वीके पॉल ने दिया जवाब
स्कूल खोलने के मुद्दे पर डॉक्टर वीके पॉल ने कहा कि बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी स्कूल को खोलना जल्दबाजी होगी। स्कूल में टीचर छात्र के सहायक होते हैं ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग कम हो जाती है। इन सब मुद्दों पर विचार करने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए।

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