केंद्र ने शुक्रवार को डॉ. वी अनंत नागेश्वरन को नया मुख्य आर्थिक सलाहकार बना दिया है। नागेश्वरन ने केवी सुब्रमण्यम की जगह ली है। सुब्रमण्यम इस पद पर तीन साल तक रहे। उन्होंने 17 दिसंबर 2021 को इस्तीफा दिया था।
ईएसी के सदस्य भी रह चुके
नागेश्वरम इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के अंशकालिक सदस्य रह चुके हैं। वे 2019 से 2021 तक इस पद रहे। नागेश्वरन एक लेखक, शिक्षक और सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। वे भारत और सिंगापुर में कई बिजनेस स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों में पढ़ा भी चुके हैं।
जानिए नागेश्वरन की शैक्षणिक योग्यता के बारे में
नागेश्वरन आईएफएमआर ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने क्रेना विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के विशिष्ट विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद से प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और एमहर्स्ट में विश्वविद्यालय से मैसाचुसेट्स के विषय पर डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है।
और कौन-कौन थे उम्मीदवार?
नागेश्वरम के अलावा इस पद के लिए चुने गए उम्मीदवारों में अन्य प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर पामी दुआ और महानिदेशक, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की महानिदेशक पूनम गुप्ता थे। 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने नामों को चुना गया था।