पर्यावरण मंत्री और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि भारत दुनिया के सामने गाय से प्राप्त पंचगव्य या पांच तत्वों पर रिसर्च के माध्यम से गाय के महत्व को साबित करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत पेरिस समझौते के तहत अपनी जलवायु परिवर्तन प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा और 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन से अपनी ऊर्जा का 40 प्रतिशत प्राप्त करेगा। बता दें कि पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते से खुद को अलग कर लिया था।
बीजिंग में एक मंत्रिस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार साइंस का इस्तेमाल करके भारत की प्राचीन उपलब्धियों और पारंपरिक ज्ञान को दुनिया के सामने लाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने गाय के दूध और मूत्र के लाभों पर विवादों को सुलझाने के लिए इस क्षेत्र में काफी शोध किया है। उन्होंने आगे कहा कि यदि आप इसके बारे में पूरी दुनिया में भी बात करते हैं, यहां तक कि 'आयुर्वेद' के लिए भी बात करते हैं तो हमें पता है कि दुनिया भर के लोगों को इसके बारे में पता है। आयुर्वेद के माध्यम से लोगों ने सौ साल की जिंदगी जी है। लेकिन हमें दुनिया के सामने साबित करने के लिए वैज्ञानिक रूप से वैद्यता दिलाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि "आयुर्वेद" के लिए भी, जम्मू में हमारी प्रयोगशालाएं इस पर काम कर रही हैं, जब हमने 'आयुष' (मंत्रालय) की स्थापना की, हमने मंत्रालय के लिए 5000 करोड़ रुपये का निवेश किया और आयुर्वेद में काफी गुंजाइश है।