डगलस डीसी-3 1930 के दशक का एक क्रांतिकारी विमान था, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध और वाणिज्यिक विमानन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हवाई अड्डा अधिकारियों के मुताबिक यह विमान दिल्ली से शनिवार को दोपहर 12:13 बजे नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा।
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभने वाले प्रतिष्ठित डगलस डीसी-3 विमान का आधुनिक संस्करण डीसी-3सी शनिवार को कोलकाता हवाई अड्डे पर पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक कनाडा में पंजीकृत इस विमान में कोई यात्री सवार नहीं था। यह ईंधन भरने और अपने चार सदस्यीय चालक दल (तीन कप्तान व एक इंजीनियर) को कुछ आराम देने के लिए एक दिन के लिए दिल्ली से कोलकाता आया है।
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डगलस डीसी-3 1930 के दशक का एक क्रांतिकारी विमान था, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध और वाणिज्यिक विमानन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हवाई अड्डा अधिकारियों के मुताबिक यह विमान दिल्ली से शनिवार को दोपहर 12:13 बजे नेताजी सुभाषचंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। यह रविवार सुबह 8:30 बजे यहां से पटाया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए प्रस्थान करेगा।
21 से 28 यात्रियों वाला डीसी-3 विमान ने 1935 में भरी थी पहली उड़ान
डीसी-3 विमान ने 1935 में पहली उड़ान भरी थी। लो विंग ट्विन इंजन वाले इस मोनोप्लेन में 21 से 28 लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है। 64 फीट (19.5 मीटर) से अधिक लंबे इस विमान के पंखों का फैलाव 95 फीट (29 मीटर) था। इसे डगलस एयरक्राफ्ट कंपनी बनाती थी।