केंद्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों से जुड़ी नीतियों में बदलाव किए हैं। अफसरों के कैडर आवंटन नीति में बदलाव का असर देशभर में नियुक्त किए जाने वाले अधिकारियों पर होगा। जानिए क्या है पूरा मामला
केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीन प्रमुख केंद्रीय सेवाओं के सिविल सेवकों के लिए कैडर आवंटन की एक नई नीति लागू की है। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ उनकी तैनाती के लिए नए समूह भी शामिल हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के अधिकारियों के लिए हाल ही में जारी नीति में कहा गया है कि संबंधित मंत्रालय किसी वर्ष की 1 जनवरी तक कैडर अंतर के आधार पर रिक्तियों का निर्धारण करेंगे।
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अखिल भारतीय सेवाओं से जुड़े नियमों में बदलाव
कैडर या संयुक्त कैडर का अर्थ उस राज्य या राज्यों के समूह या केंद्र शासित प्रदेशों से है जो इन तीन सेवाओं के अधिकारियों को आवंटित किए जाते हैं, जिन्हें अखिल भारतीय सेवाएं भी कहा जाता है। इसने कैडर आवंटन के लिए पूर्व की पांच-क्षेत्र प्रणाली को समाप्त कर दिया है और नए समूह बनाए हैं, जिसमें सभी राज्य कैडरों/संयुक्त कैडरों को अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों के हिसाब से रखा गया है। नई व्यवस्था के बाद सभी प्रदेशों को चार समूहों में विभाजित किया गया है।