केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार हो रही है, जो लंबे समय से किसी बाहर के दूरवर्ती स्टेशन पर कार्यरत हैं। इनमें बहुत से ऐसे अधिकारी भी हैं, जिन्हें मूल कैडर से किसी अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति मिली है। केंद्रीय सचिवालय सेवा के इन अधिकारियों में से अनेक ऐसे भी हैं, जिन्होंने सरकारी आदेशों की अवहेलना की है। सरकार ने इन्हें अस्थायी पदोन्नति वाले पद पर ज्वाइन करने का आदेश दिया था, जिसे इन्होंने नहीं माना। सरकार के अनुसार ऐसे अफसरों पर कार्रवाई की जा सकती है। डीओपीटी ने 24 घंटे के भीतर इन अधिकारियों की सूची देने के लिए कहा है।
बता दें कि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत निदेशक, उप सचिव, अवर सचिव, सेक्शन अफसर व असिस्टेंट सेक्शन अफसर के पद पर काम कर रहे अधिकारियों की सूची मांगी गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि बहुत से अफसर लंबे समय से दूरवर्ती इलाकों की पोस्टिंग पर गए हैं। पिछले दिनों जब इन अधिकारियों को अस्थायी पदोन्नति दी गई, तो इनमें से कई अधिकारी ऐसे थे जो वहां से वापस नहीं लौटे। उन्होंने वहीं से ईमेल के जरिए यह सूचना दे दी कि वे पदोन्नति नहीं चाहते हैं।
ऐसे ही जो अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर गए थे, उन्होंने भी वैसा ही जवाब दे दिया। केंद्र सरकार ने इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश भी निकाला था। कई अफसरों की अस्थायी पदोन्नति पर एक साथ तक रोक लगा दी गई थी। अब डीओपीटी ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे ऐसे अधिकारियों की सूची दें जो लंबे समय से बाहर किसी स्टेशन पर ड्यूटी दे रहे हैं।
सीएसएस अधिकारियों के बारे में मांगी गई जानकारी में उनकी पोस्टिंग, कार्यकाल, ग्रेड, निर्भर पोस्ट और उनका नियंत्रण क्षेत्र आदि शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि इन अधिकारियों को वापस बुलाकर इन्हें मुख्यालय या उसके निकट किसी कम प्रभाव वाले पद पर लगा दिया जाएगा।ऐसी संभावना भी है कि जिन अधिकारियों ने आदेशों की उल्लंघना की है, उनके खिलाफ कोई अन्य कार्रवाई की जाए।