'ग्रुप ऑफ सेक्रेटरी' समूह उन शिकायतों पर भी विचार करता है जो सीवीसी के द्वारा कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजी जाती हैं। इसके लिए समय समय पर सीवीसी को उस शिकायत की प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराना होगा।
रिटायर्ड सचिव के ख़िलाफ भी वैसे ही होगी जांच
ऐसा कोई अधिकारी, जो भारत सरकार में सचिव के पद पर नहीं है, लेकिन वह उस पद के बराबर वेतन लेता है और प्रशासनिक वरिष्ठता में उसके ऊपर भी कोई है, तो वह मामला संबंधित मंत्रालय द्वारा देखा जाएगा। वहां से उस केस को 'ग्रुप ऑफ सेक्रेटरी' समूह के पास भेजा जा सकता है। यहां पर यह गौर करना होगा कि वह केस मेरिट के आधार पर समूह के बीच जाने की शर्तें पूरी करता हो। यह तरीका उन सचिवों के मामले भी अपनाया जा सकता है, जो समकक्ष पद से रिटायर हुए हैं। भारत सरकार के सचिव के खिलाफ मिली शिकायत में कार्रवाई का जो तरीका अपनाया जाता है, वही रिटायर्ड चीफ सेक्रेटरी के लिए अमल में लाया जाएगा।