फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

DOPT: भारत सरकार में सचिव पर कार्रवाई करेगा 'ग्रुप ऑफ सेक्रेटरी', कूड़ेदान में जाएंगे आरोपों वाले बेनाम पत्र

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 03 Oct 2022 11:04 PM IST

सार

DOPT: डीओपीटी के अनुसार, भारत सरकार के सचिव के खिलाफ अगर इस तरह की कोई शिकायत कैबिनेट सचिवालय, डीओपीटी या प्रधानमंत्री कार्यालय के पास आती है, भले ही वह छद्म तरीके से ही क्यों न आई हो, उसे कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाले समूह के पास भेजा जाएगा...
विज्ञापन
विज्ञापन
Dr Jitendra Singh, Minister DOPT - फोटो : Agency (File Photo)


'ग्रुप ऑफ सेक्रेटरी' समूह उन शिकायतों पर भी विचार करता है जो सीवीसी के द्वारा कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजी जाती हैं। इसके लिए समय समय पर सीवीसी को उस शिकायत की प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराना होगा।

रिटायर्ड सचिव के ख़िलाफ भी वैसे ही होगी जांच

ऐसा कोई अधिकारी, जो भारत सरकार में सचिव के पद पर नहीं है, लेकिन वह उस पद के बराबर वेतन लेता है और प्रशासनिक वरिष्ठता में उसके ऊपर भी कोई है, तो वह मामला संबंधित मंत्रालय द्वारा देखा जाएगा। वहां से उस केस को 'ग्रुप ऑफ सेक्रेटरी' समूह के पास भेजा जा सकता है। यहां पर यह गौर करना होगा कि वह केस मेरिट के आधार पर समूह के बीच जाने की शर्तें पूरी करता हो। यह तरीका उन सचिवों के मामले भी अपनाया जा सकता है, जो समकक्ष पद से रिटायर हुए हैं। भारत सरकार के सचिव के खिलाफ मिली शिकायत में कार्रवाई का जो तरीका अपनाया जाता है, वही रिटायर्ड चीफ सेक्रेटरी के लिए अमल में लाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next