अंडमान-निकोबार द्वीप पर मारे गए अमेरिकी नागरिक जॉन ऐसन चाउ (26) के शव की तलाश की जा रही है। चाउ की सेंटिनल जनजाति के लोगों ने हत्या कर दी थी। अब एक अधिकार संगठन ने पुलिस से आग्रह किया है कि चाउ के शव को ढूंढने के प्रयास न किए जाएं। उनका कहना है कि इससे जनजाति के बीच बीमारी फैलने का खतरा है।
बता दें ये जनजाति इस द्वीप पर करीब 60,000 सालों से रह रही है। इन लोगों को कोई भी बीमारी आसानी से लग सकती है। इनमें रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता भी नहीं होती क्योंकि ये बाहरी दुनिया से बिल्कुल कटे हुए हैं। यहां तक कि अगर कोई पर्यटक सामान्य फ्लू वाले वायरस के साथ यहां आ जाए तो उससे ये पूरी जनजाति समाप्त हो सकती है।