भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (Indian Council for Cultural Relations या ICCR) सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस संस्था से वर्ष 2016-17 में दुनिया के विभिन्न देशों से 11 भारतीय महापुरुषों की मूर्तियों की मांग की गई थी। इनमें अकेले नौ मूर्तियां केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की थीं।
सामान्य प्रक्रिया के तहत विदेश की कोई संस्था, सरकारी विभाग या मंत्रालय भारतीय महापुरुषों की मूर्तियों/बस्ट की मांग के लिए स्थानीय दूतावास से संपर्क करता है। कुछ अवसरों पर दूतावास भी इसके लिए पहल करता है।
सहमति बन जाने पर आवश्यकता के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय को बता दिया जाता है। इसके जरिए आईसीसीआर को संबंधित महापुरुषों की मूर्तियों या बस्ट को तैयार कराने का निर्देश दिया जाता है।
इसके बाद सामान्य तौर पर लगभग तीन से छह महीने के बीच में ये मूर्तियां संबंधित दूतावासों को भेज दी जाती हैं। वहां से संबंधित संगठन मूर्तियों को ले लेते हैं। विभिन्न विदेशी राजनयिकों को इन मूर्तियों को उपहार में भी दिया जाता है।