अमेरिका में सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों और शरणार्थियों के आने पर प्रतिबंध वाले डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर संघीय अपील कोर्ट ने भी झटका दिया है। इससे भड़के ट्रंप ने जजों को ही कोर्ट में देख लेने की बात कही है।
ट्रंप प्रशासन की ओर से अपील कोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रैवेल बैन के फैसले पर निचली अदालत की लगाई रोक को जल्द हटाने की मांग की थी। उनकी याचिका पर तीन जजों के एक पैनल ने सुनवाई की और तीनों ने ही एकमत से डोनाल्ड ट्रंप के आदेश को असंवैधानिक करार दिया।
कोर्ट ऑफ अपील्स ने अपने फैसले में कहा, 'हमारा मानना है कि सरकार ने यह साबित नहीं किया कि इसकी अपील में दम है और न ही यह साबित किया है कि रोक नहीं हटाने से बड़ा नुकसान होगा।'
जजों के इस फैसले से भड़के ट्रंप ने ट्वीट कर नाराजगी जताई और उन्हें कोर्ट में देख लेने की बात कही। ट्रंप ने ट्वीट किया, 'आपको अदालत में देखूंगा। हमारे देश की सुरक्षा दांव पर है!'
ट्रंप के इस ट्वीट से साफ है कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं और अब आदेश बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट से भी खुशखबरी मिलने की उम्मीद कम ही हैं। इसकी वजह यह है कि सुप्रीम कोर्ट की आठ जजों की बेंच में चार रिपब्लिकन रूझान वाले हैं, जबकि चार का रुझान डेमोक्रेट्स की तरफ है। ऐसे में अगर चार-चार से फैसला बराबर रहता है, तो ट्रैवल बैन का आदेश खारिज ही रहेगा।
बता दें कि 27 जनवरी को ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। इस फैसले का दुनिया भर में विरोध हो रहा है। अमेरिका के कई शहरों और हवाई अड्डों पर लोग ट्रंप के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं।