अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि हो सकते हैं। भारत ने इस दिशा में प्रारंभिक पहल शुरू कर दी है। अगर ट्रंप को मुख्य अतिथि बनाने पर बात नहीं बनी तो फिर भारत कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को इसके लिए वरीयता देगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फिलहाल भारत इस मामले में दोनों देशों के संपर्क में है।
ट्रंप ने अगर मुख्य अतिथि बनने पर हामी भरी तो यह दूसरा मौका होगा जब कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारत में गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि होगा। इससे पहले वर्ष 2015 में इसी देश के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बने थे। बीते साल अबुधाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायेद ने मुख्य अतिथि बनने का भारत का न्योता स्वीकार किया था।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक हालांकि फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि बनने का न्योता नहीं भेजा गया है, मगर भारत ने इसकेलिए गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर इस मामले में भारत कनाडा के भी संपर्क में है। अगर किसी कारणवश ट्रंप ने न्योता स्वीकार करने में अपनी मजबूरी गिनाई तो भारत कनाडा के पीएम को मुख्य अतिथि बनने का न्योता भेजेगा।
इस बीच, विदेश मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा की संभावनाएं तलाश रहा है। सूत्र का कहना था कि फिलहाल पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा जुलाई में जर्मनी के हमबर्ग में होने जा रहे जी-20 सदस्य देशों की बैठक से पहले संभव नहीं दिख रही। वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से ट्रंप और मोदी की पहली मुलाकात इसी बैठक में होगी। इसके बाद पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
गौरतलब है कि चुनाव जीतने के बाद ट्रंप को सबसे पहले बधाई देने वालों में पीएम मोदी भी शामिल थे। पद संभालने के बाद ट्रंप ने भी एशियाई देशों में सबसे पहले भारत से संपर्क साधा और फोन पर पीएम मोदी से बातचीत की।