केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पर हमला बोला तो ममता बनर्जी ने भी पलटवार करने में देर नहीं लगाई। एक संवाददाता सम्मेलन में ममता ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अमित शाह और केंद्र सरकार पर ताबड़तोड़ हमला बोला। ममता ने कहा, गृह मंत्री को देखना चाहिए कि दिल्ली के जहांगीरपुरी, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में क्या हुआ, बंगाल की चिंता न करें। भाजपा का काम है विभाजन पैदा करना। उन्होंने गृह मंत्री के रूप में क्या किया है? उन्होंने ईद के दिन भी की हिंसा।
आग से मत खेलो, जनता करारा जवाब देगी
सीएम ममता ने कहा, देश के लोकतांत्रिक ढांचे को ध्वस्त करने का काम न करें। आग से मत खेलो, जनता करारा जवाब देगी। वहीं सीएए विधेयक पर ममता ने कहा, वे इस विधेयक को संसद में क्यों नहीं ला रहे हैं? मैं नहीं चाहती कि नागरिकों के अधिकारों पर अंकुश लगे। हम सभी को एक साथ रहना है, एकता हमारी ताकत है।
आज, वह (अमित शाह) यहां बीएसएफ की राजनीतिक क्षेत्र में घुसपैठ कराने आए थे। ममता ने कहा, मैं आपका सम्मान करती हूं क्योंकि आप गृह मंत्री हैं। मेरा मार्गदर्शन न करें या बीएसएफ को राज्य पर शासन करने के लिए न कहें। यह आपका कर्तव्य है कि आप गौ तस्करी, घुसपैठ को रोकें और सीमाओं पर शांति सुनिश्चित करें।
ममता बनर्जी ने कहा, जो लोग सीएए की बात कर रहे हैं, वे बताएं कि क्या प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को चुनने वाले देश के नागरिक नहीं हैं? उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में न तो भाजपा सत्ता में लौटेगी और न ही सीएए लागू हो पाएगा।
ममता बोलीं- पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में झूठ फैला रहे हैं शाह
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह भाजपा शासित राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा और महिलाओं पर हमलों से आंखें मूंदकर पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में झूठ फैला रहे हैं। बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र विभिन्न घटनाओं के बाद एनएचआरसी और अन्य की टीमों को पश्चिम बंगाल भेज रहा है, लेकिन दिल्ली और यूपी में हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी में नहीं, जहां महिलाओं पर कथित रूप से हमला किया जा रहा है।
ममता ने हमला बोलते हुए कहा, मिस्टर अमित शाह, आप पश्चिम बंगाल के गृह मंत्री हैं या पूरे देश के गृह मंत्री हैं? आपके कृत्यों से ऐसा लगता है कि आप केवल पश्चिम बंगाल के प्रति चिंतित हैं। शाह केवल बंगाली और हिंदी भाषी समुदायों के बीच व हिंदुओं और मुसलमानों के बीच अलगाव का कारण बनना चाहते हैं। आग से मत खेलो।
जब ममता से विपक्ष की एकता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ऐसा न सोचें कि खेल खत्म गया है। मुझे लगता है कि अच्छी भावना लौटेगी और वे एक साथ आएंगे। हमें मजबूती और साहस के साथ लड़ाई लड़नी है।