तीन तलाक और समान नागरिक संहिता के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले से नाराज सरकार ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को राजनीति न करने की नसीहत दी है। सरकार की ओर से सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को कहा कि तीन तलाक और समान नागरिक संहिता दो अलग-अलग मुद्दे हैं। तीन तलाक का मुद्दा महिलाओं के अधिकार से जुड़ा है। सरकार महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के पक्ष में है। बोर्ड और विपक्ष को दोनों मुद्दों को मिला कर राजनीति करने के बदले अपना पक्ष रखना चाहिए। गौरतलब है कि बोर्ड ने बृहस्पतिवार को इन दोनों मुद्दों पर प्रधानमंत्री के खिलाफ तीखा हमला बोला था।
नायडू ने कहा कि विपक्ष और बोर्ड तीन तलाक तथा समान नागरिक संहिता के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी को बेवजह घसीटा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग ने लोगों से राय मांगी है। बोर्ड को राजनीति करने के बदले अपनी राय जाहिर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां तक तीन तलाक का सवाल है तो सरकार के साथ ही समाज का एक बहुत बड़ा तबका महिलाओं को समान अधिकार देने के हक में है। नायडू ने कहा कि सरकार का मानना है कि सभी धर्मों की महिलाओं को समान अधिकार दिया जाना वक्त की जरूरत है। सरकार इस मुद्दे पर देशव्यापी बहस चाहती है।
नायडू ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जिस प्रकार प्रधानमंत्री को पूरे मामले में घसीटा वह उचित नहीं है। बोर्ड को पता है कि देश में प्रजातंत्र है। वह बिना राजनीति किए भी अपनी राय जाहिर कर सकता है। गौरतलब है कि सरकार ने बीते सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक की प्रक्रिया को खत्म करने की वकालत की थी। सरकार का कहना था कि तीन तलाक की प्रक्रिया महिलाओं की मर्यादा पर हमला और बराबरी के अधिकार का हनन करती है।