यदि आप देश के किसी महानगर या ऐसे शहर में रहते हैं जो हवाई नक्शे पर है तो आपको अब किराये के रूप में ज्यादा रकम चुकानी होगी। दरअसल केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई किराये में सेस के रूप में 100 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है।
बता दें कि 1 सितंबर से देश के प्रमुख शहरों के बीच घरेलू उड़ानों पर रीजनल कनेक्टिविटी सेस लगा दिया गया है।सरकार ने रीजनल कनेक्टिविटी फंड (आरसीएफ) बनाने के लिए प्रत्येक घरेलू फ्लाइट से 5000 रुपये का शुल्क लेने का निर्णय लिया है। इस फंड का इस्तेमाल उड़ान सेवा के लिए किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उड़ान स्कीम के तहत घरेलू फ्लाइट के किराए को 2,500 रुपये प्रति घंटे तक सीमित किया गया है।
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गौरतलब है कि तेल कंपनियों ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में 4 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिसका असर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। इंडियन ऑइल की वेबसाइट के मुताबिक, ATF का दाम अब प्रति लीटर 50,020 रुपये हो गया है जो अगस्त में 48,110 प्रति लीटर था।
इस मामले में एक एयरलाइन अधिकारी ने कहा, 'शुक्रवार से एटीएफ और रीजनल सेस की कीमतों में बढ़ोतरी का मतलब यह है कि किरायों में वृद्धि हो सकती है क्योंकि त्योहारी सीजन में यात्रा की मांग भी बढ़ जाती है"। इसलिए यात्रियों के लिए यही बेहतर होगा कि वे एडवांस में टिकट बुक करवा लें। क्योंकि जितनी देर टिकट खरीदने में होगी यात्रा उतनी ही महंगी पड़ेगी।
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बहरहाल, एयरलाइन अधिकारियों का कहना है कि प्रति फ्लाइट 5000 रुपये सेस के कारण किराए में 50 से 100 रुपये तक का इजाफा होगा। पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इसके लिए फ्लाइट टिकट पर 2% सरचार्ज लगाने पर विचार किया था। लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के विरोध के कारण यह तय किया गया कि प्रति फ्लाइट 8,000 रुपये सेस लगाया जाएगा। इसके बाद इसे घटाकर 5,000 रुपये कर दिया गया।