पांच माह में आठ सर्जरी कर भारतीय डॉक्टरों ने ताजिकिस्तान की दो वर्षीय मरयम के 64 सेंटीमीटर आकार के मस्तिष्क को छोटा कर कीर्तिमान स्थापित किया है। दरअसल, मरयम ऐसी बीमारी से ग्रस्त थी, जिसमें जन्म के बाद ही मस्तिष्क में तरल पदार्थ का रिसाव होने लगता है। इससे मस्तिष्क के किसी एक जगह पर यह पदार्थ एकत्रित होकर सिर का बाहरी आकार बढ़ा देता है। आमतौर पर इंसान के मस्तिष्क का आकार 15 सेंटीमीटर के आसपास होता है।
डॉक्टरों के अनुसार मरयम जन्म से ही मेगालेंसेफली के साथ ग्रॉस कॉन्जेनाइटल हाइड्रोसेफालस से पीड़ित थी। इसके उसके मस्तिष्क में तरल पदार्थ का रिसाव होकर एकत्रित हो रहा था, जिससे मरयम का सिर इतना बड़ा और भारी हो गया था कि उसे हिलाना-डुलाना मुश्किल हो रहा था।
न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. संदीप वैश्य ने बताया कि जब मरयम 11 माह की थी तो तजाकिस्तान के अस्पताल में उसकी सर्जरी हुई थी। उस दौरान तरल पदार्थ को ट्यूब के जरिए बाहर निकाला गया था। जिसके बाद मरयम के मस्तिष्क का आकार 72 से घटकर 64 सेंटीमीटर तक हो गया था। लेकिन वहां के डॉक्टर मस्तिष्क का आकार और कम करने में विफल रहे। इसके चलते उसके मस्तिष्क की अंदरूनी हड्डियां जुड़ चुकी थी।
डॉ. संदीप ने बताया कि किसी भी डॉक्टर के लिए इस तरह की सर्जरी आसान नहीं होती है लेकिन परिवार की मंजूरी के बाद डॉक्टरों ने जोखिम उठाया और सफलता पाई। पांच महीने की अवधि में आठ सर्जरी कर उसका सिर का आकार घटाने में सफल रहे। अब मरयम ने अपना सिर हिलाना शुरू कर दिया है। हालांकि मस्तिष्क को नुकसान पहुंचने की आशंका है लेकिन यह तकरीबन सामान्य जीवन जीने का उसके पास मौका है।