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पोलियो ग्रस्त दाहिने पैर के बजाय डॉक्टर ने किया बाएं पैर का ऑपरेशन, लगा 10 लाख का जुर्माना

Mon, 09 Jul 2018 10:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूरी दुनिया में डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया है। माना जाता है कि किसी भी बीमारी की स्थिति में भगवान के अलावा अगर कोई उसे ठीक कर सकता है तो वो डॉक्टर हैं। लेकिन अगर यहीं डॉक्टर अपने काम से मुंह चुराने लगें, लापरवाही करने लगें तो कोई कैसे डॉक्टरों पर विश्वास करे। ऐसा ही एक लापरवाही का मामला राजधानी दिल्ली से सामने आया है, जहां एक डॉक्टर ने पोलियो ग्रस्त लड़की के दाहिने पैर का ऑपरेशन करने के बजाय उसके बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया। दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डॉक्टर को लापरवाही के मामले में दोषी पाया, जिसके बाद उसपर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह मामला 2003 का है। 
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डॉक्टर द्वारा गलत पैर का ऑपरेशन किए जाने से पीड़ित लड़की के पैर में काफी ज्यादा इंफेक्शन फैल गया, जिसकी वजह से उसके पैर में कई घाव बन गए। वो हमेशा दर्द से बिलबिलाती रहती थी। यहां तक की उसकी पढ़ाई भी छूट गई। साथ ही उसकी शादी में भी काफी सारी अड़चनें पैदा होने लगीं। इस घोर लापरवाही के चलते डॉक्टर को शिकायतकर्ता हरप्रीत कौर को उनकी चोट और मानसिक पीड़ा के कारण 10 लाख रुपये का भुगतान करके क्षतिपूर्ति करने का निर्देश दिया गया है। 

आयोग के सदस्य एनपी कौशिक ने कहा कि इसकी वजह से पीड़िता अपनी पढ़ाई भी जारी नहीं रख पा रही हैं और उनकी वैवाहिक संभावनाएं भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। आयोग ने जांच के दौरान पाया कि डॉ. पी. एस. सैनी ने सर्जरी से पहले पीड़िता के परिवार से संबंधित फॉर्म भी नहीं भरवाया था। उन्होंने कहा कि किसी भी ऑपरेशन से पहले यह आवश्यक होता है पीड़ित के परिवार से इसकी सहमति ली जाए, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया जो बेहद ही गंभीर मामला है। 
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2003 में हुआ था पीड़िता का ऑपरेशन

3 जून, 1999 को पीड़िता अपने पिता अवतार सिंह के साथ अपने पोलियो ग्रस्त पैर का इलाज कराने पंजाब के मुक्तसर से दिल्ली आई थी। यहां उसके दाहिने पैर की मौजूदा स्थिति को लेकर कई तरह के जांच किए गए। जांच के बाद डॉक्टर ने पीड़िता के पैर का ऑपरेशन करने की बात कही। इसके बाद 30 मई, 2003 को पीड़िता अपने पैर के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती हो गई। लेकिन डॉक्टर पी. एस. सैनी ने उसके दाहिने पैर का ऑपरेशन करने के बजाय बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया। 

पीड़िता के परिवार वालों का कहना था कि ऑपरेशन के बाद उसके चलने-फिरने की क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई। पहले एक पैर पोलियो से ग्रसित था, लेकिन ऑपरेशन के बाद दूसरे पैर में भी इंफेक्शन फैल गया, जिससे पीड़िता के दोनों पैर नाकाम हो गए। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने डॉक्टर पी. एस. सैनी के खिलाफ दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में केस दर्ज कराया और मुआवजे की मांग की। यह केस काफी दिनों तक चला और अब जाकर पीड़िता को इंसाफ मिला है। 
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