तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले पर एक सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी है। उन्होंने इस पोस्ट में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और कोलकाता पुलिस आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। रॉय ने उन्हें हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की बात कही थी।
'56 साल में ऐसा जनाक्रोश कभी नहीं देखा'
हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। उन्होंने जनता के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने की बात कही। रॉय ने कहा कि उन्हें 56 वर्षों के सियासी करियर में कभी ऐसा जनाक्रोश देखने को नहीं मिला, जहां लोगों ने किसी दल के झंडे की परवाह किए बिना रात के समय सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। उन्होंने कहा, इस घटना ने मुझे अंदर तक झकझोरा है। मैं अपनी आंखें बंद करके यह नहीं सोच सकता कि सबकुछ ठीक है, बस इसलिए कि मेरी पार्टी इसके विपरीत सोचती है। मैं एक बेटी का पिता और एक पोती का दादा हूं। मेरा परिवार भी कभी इन दहशत भरी घटनाओं का शिकार हो सकता है। तब मुझे कौन बचाएगा?
टीएमसी सांसद ने हाईकोर्ट में लगाई सुरक्षा की गुहार
रॉय ने अपने एक्स अकाउंट पर एक में संदीप घोष और विनीत गोयल को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की मांग की थी। इस पोस्ट को 1.29 लाख से अधिक लोगों ने देखा था।सोमवार को कोलकाता पुलिस की ओर से उन्हें पेश होने के लिए दो नोटिस मिले। लेकिन रॉय ने कलकत्ता हाईकोर्ट में सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि रॉय और राज्य के बीच समझौता हो गया है। कोर्ट ने कहा, रॉय अपनी पोस्ट हटाएंगे और राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इससे पहले रॉय ने कहा कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी की है। अब वे अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने की कही थी बात
टीएमसी नेता ने 13 अगस्त को सोशल मीडिया पर कहा था कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में सामूहिक दुष्कर्म और बेरहमी से हत्या की घटना हुई है। सीबीआई जांच करेगी। मुझे सीबीआई पर भरोसा नहीं है। लेकिन सच सामने आना चाहिए। अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने 14 अगस्त को प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने की बात कही थी।
प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी का विरोध किया
रॉय ने स्वतंत्रता दिवस की सुबह दक्षिण कोलकाता में एक रात के धरने में शामिल हुए और गृह मंत्री अमित शाह को महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। इसके अलावा, 18 अगस्त को रॉय ने मोहन बागान और ईस्ट बंगाल में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी का भी विरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, मैं सभी फुटबॉल और खेल प्रेमियों से अपील करता हूं कि मोहन बागान और ईस्ट बंगाल में प्रदर्शनकारियों की मनमानी गिरफ्तारी के खिलाफ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करें। उन्होंने इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और एक टास्क फोर्स बनाने के फैसले का भी स्वागत किया।