एक रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर भारत 2020 में हिंदू प्रवासियों के लिए अग्रणी मूल और गंतव्य देश के रूप में उभरा है। भारत में पैदा हुए 76 लाख हिंदू अब दूसरे देशों में रह रहे हैं और अन्य देशों में जन्मे 30 लाख हिंदू भारत में आकर रह रहे हैं। दुनिया के प्रवासियों की धार्मिक संरचना पर किए गए प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में 28 करोड़ से अधिक लोग, या विश्व की आबादी का 3.6 प्रतिशत, अंतरराष्ट्रीय प्रवासी के रूप में रह रहे थे। इसमें सबसे अधिक 47 प्रतिशत हिस्सा ईसाइयों का था।
इस अध्ययन के मुताबिक प्रवास के पैटर्न में धर्म की अहम भूमिका होती है। मातृभूमि को छोड़कर जाने और बाहर से मातृभूमि लौटने दोनों को धर्म प्रभावित करता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत उन देशों में से है जहां अप्रासियों में सबसे ज्यादा संख्या धार्मिक अल्पसंख्यकों की है। भारत मुस्लिम प्रवासियों के लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत में पैदा हुए 60 लाख मुसलमान अब दूसरे देश में रहते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत छोड़कर जाने वालों में हिंदुओं की तुलना में मुस्लिम ज्यादा हैं, जबकि उनकी आबादी कम है। भारत में लगभग 80 प्रतिश लोग हिंदू हैं, लेकिन वह देश से बाहर जाने वाले प्रवासियों का केवल 41 प्रतिश हिस्सा हैं। इसके विपरीत, भारत में रहने वाले लगभग 15 प्रतिशत लोग मुस्लिम हैं, जबकि भारत में पैदा हुए और अब कहीं और रहने वाले 33 प्रतिशत लोग मुस्लिम हैं। ज्यादातर भारतीय मुस्लिम प्रवासी मुस्लिम बहुल देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात (18 लाख), सउदी अरब (13 लाख) और ओमान (7.20 लाख) में रहते हैं। भारतीय आबादी में ईसाईयों की संख्या केवल 2 प्रतिशत है, लेकिन भारत छोड़ने वाले 16 प्रतिशत लोग ईसाई हैं।
भारतीय मुस्लिम प्रवासियों की पहली पसंद खाड़ी के देश
भारत से आने वाले अधिकांश प्रवासी खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों में रहते हैं जिनमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिलहैं। 2020 तक इन देशों में 99 लाख भारतीय रह रहे थे। जीसीसी के देशों में जहां 1990 के बाद से प्रवासी आबादी में 277 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, अधिकांश प्रवासी मुस्लिम (75 प्रतिशत) हैं, जबकि हिंदू और ईसाई क्रमशः 11 प्रतिशत और 14 प्रतिशत हैं। प्यू रिसर्च सेंटर ने कहा कि यह विश्लेषण संयुक्त राष्ट्र और 270 जनगणनाओं और सर्वेक्षणों के आंकड़ों पर आधारित है और इसका उद्देश्य विश्व के प्रवासियों की धार्मिक संरचना का विस्तृत जानकारी प्रदान करना है।
बांग्लादेश हिंदू प्रवासियों का दूसरा बड़ा मूल देश
भारत के बाद बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मूल देश है जहां से सबसे अधिक संख्या में हिंदू दूसरे देशों में जाते हैं। भारत में दुनिया के 94 प्रतिशत हिंदू रहते हैं, लेकिन यह विश्व के केवल 57 प्रतिशत हिंदू प्रवासियों का मूल देश है और 22 प्रतिशत हिंदू प्रवासियों का घर है। वहीं, मुस्लिम बहुल बांग्लादेश हिंदू प्रवासियों का दूसरा सबसे बड़ा मूल देश है। बांग्लादेश में जन्मे लगभग 16 लाख हिंदू अब अन्यत्र रहते हैं, जो सभी हिंदू प्रवासियों का 12 प्रतिशत है।