डॉ. नूहद बरदाई
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कोरोना संकट काल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. नूहद बरदाई ने ऐसा कमाल कर दिखाया, जो दूसरे लोगों के लिए मिसाल पेश कर सकता है। डॉ. नूहद बरदाई उस दौरान अपनी ड्यूटी पर तैनात थीं, जब उनके कैट (कॉमस एडमिशन टेस्ट) का परिणाम सामने आया। डॉ. बरदाई ने अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और मेडिकल इंटर्नशिप के तहत कोविड ड्यूटी कर रही थी।
डॉ. बरदाई ने कहा कि मैं एक साल से कोविड ड्यूटी कर रही हूं और कैट की तैयारी करने के लिए सिर्फ दो शिफ्ट के बीच में मुझे समय मिलता था। उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान काफी परेशानियां सामने आईं लेकिन आखिर कार मैंने कैट निकाल लिया। बता दें कि डॉ. बरदाई के पिता सौराष्ट्र में शिफ्ट होने से पहले अफ्रीका में व्यापार करते थे।
डॉ. बरदाई ने आगे कहा कि ये सुनने में थोड़ा अजीब लगता है कि कोई मेडिकल प्रोफेशनल आगे चलकर एमबीए करे या उस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाएं। उन्होंने आगे कहा कि मेडिकल लाइन में काफी लोगों की जरूरत है और महामारी के बीच हम ये देख चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि वो डॉक्टर ही रहेंगी लेकिन अपनी प्रतिभा को दूसरे तरीके से बाहर लेकर आएंगी।
डॉ. बरदाई ने कहा कि उनका लक्ष्य हेल्थकेयर कंसंल्टिंग में जाना है और उसके बाद अपना खुद का वेंचर शुरू करना है। डॉ. बरदाई शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। 12वीं कक्षा में डॉ. नूहद को 96.4 फीसदी अंक मिले थे। अपनी पढ़ाई के दौरान डॉ. नूहद ने सात बार कोविड ड्यूटी की। बता दें कि डॉ. नूहद ने आईआईएम-बंगलूरू में अपने लिए एक सीट बुक कर ली है।
उन्होंने आगे बताया कि एक मेडिकल छात्र होने के नाते उन्हें 10 घंटे तक पढ़ाई करने की आदत रह चुकी है। इसलिए कैट के लिए दिन में छह घंटे पढ़ना कोई बड़ी बात नहीं थी। हालांकि कोविड के दौरान पढ़ाई करने में थोड़ी दिक्कत होती थी। डॉ नूहद ने कहा कि मॉक इंटरव्यू टेस्ट ने उन्हें वास्तव में काफी तैयार कर दिया था।