देशभर में कोरोना की दूसरी लहर से राहत मिलने के आसार भले ही दिखाई पड़ रहे हैं, लेकिन इस राहत के बीच एक आफत भी सामने आई है। अब ब्लैक फंगस देश को अपने चंगुल में लेता जा रहा है। राजस्थान में तो यह कहर बनकर टूट रहा है।
राजस्थान में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में भले ही कमी आई हों, लेकिन ब्लैक फंगस ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। कोरोना मरीजों में यह इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। देश के दर्जनभर राज्य इस महामारी की चपेट में है। राजस्थान में तो यह विकराल रूप धारण कर लिया है। कोविड से ठीक होने के बाद अस्पताल से घर लौटे मरीज ब्लैक फंगस के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें फिर से अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य में ब्लैक फंगस के 700 मरीज सामने आए हैं। मरीज के साथ-साथ डॉक्टर भी इसको लेकर चिंतित हैं।
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कई मरीज फिर से लौट रहे अस्पताल
राज्य में कोविड से ठीक होने के तीन हफ्ते बाद भी मरीज म्यूकोर्मिकोसिस इंफेक्शन लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हो रहे हैं। जयपुर में आठ दिन पहले कोविड से ठीक हुए 40 वर्षीय व्यक्ति की गुरुवार को एक निजी अस्पताल में म्यूकोर्मिकोसिस की सर्जरी हुई। हालांकि डॉक्टरों ने वक्त रहते उसकी आंखों की रोशनी बचा ली। वहीं अलवर के रहने वाले 55 वर्षीय एक बुजुर्ग की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी, लेकिन वह ब्लैक फंगस के शिकार हो गए और उनकी आंखों की रोशनी चली गई। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना मरीजों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है।
राज्य सरकार ने महामारी घोषित किया
इधर कोरोना संक्रमितों में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। बता दें कि कोरोना मरीज़ों में इस बीमारी के लक्षण ज्यादा दिख रहे हैं, महामारी इतनी खतरनाक है कि इसमें जान भी जा रही है। इस बीमारी के कारण आंखों की रोशनी तक चली गई है ।