पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एक डॉक्टर के अनोखे ऑफर ने सियासत को गरमा दिया है। एक निजी क्लिनिक चलाने वाले कार्डियोलॉजिस्ट ने घोषणा की है कि जो मरीज जय श्री राम बोलेगा, उसे परामर्श शुल्क में छूट दी जाएगी। इस कदम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और इसे चुनावी माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है।
इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट पीके हाजरा ने अपने क्लिनिक में पोस्टर लगाकर यह ऑफर दिया। पोस्टर में उनकी तस्वीर के साथ भाजपा का दुपट्टा भी दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी फैसला है और वह चाहते हैं कि राज्य में बदलाव आए। इस पर तृणमूल कांग्रेस के नेता निर्मल माजी ने आरोप लगाया कि डॉक्टर भाजपा की नजरों में अच्छा बनने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या है डॉक्टर का पूरा ऑफर और मकसद?
डॉ. हाजरा ने कहा कि जो मरीज उनके क्लिनिक में जय श्री राम बोलेगा, उसे 500 रुपये की छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह ऑफर सिर्फ उनके निजी चेंबर के लिए है, अस्पताल में लागू नहीं है। उनका कहना है कि बंगाल के मरीज इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, जिससे उन्हें दुख होता है और वह बदलाव चाहते हैं।
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क्या भाजपा से जुड़ाव का संकेत दे रहे हैं डॉक्टर?
डॉ. हाजरा ने कहा कि वह सीधे तौर पर भाजपा से जुड़े नहीं हैं, लेकिन भाजपा शासित राज्यों के विकास से प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि पश्चिम मेदिनीपुर की पिंगला सीट से उन्हें टिकट मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने इस तरह लोगों को संदेश देने का तरीका अपनाया।
टीएमसी ने इसे क्यों बताया राजनीतिक चाल?
तृणमूल कांग्रेस के नेता निर्मल माजी ने इस कदम को राजनीतिक रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भाजपा के “गुड बुक्स” में आने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी छवि साफ करना चाहते हैं। माजी ने दावा किया कि ऐसे कदमों से चुनावी नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि जनता टीएमसी के साथ है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने डॉक्टर के इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और राज्य में बदलाव की जरूरत को समझेंगे। उन्होंने इसे सकारात्मक पहल बताया। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में इस तरह के विवाद चुनावी माहौल को और गर्म कर सकते हैं।
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