सार
केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 48 अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां दी हैं। इसके तहक हार्दिक सतीशचंद्र शाह को पीएम के निजी सचिव के तौर पर जॉइंट सेक्रेटरी स्तर मिला। वहीं कपिल मीणा, प्रियंका दास और जवाहर पैकिरिसामी समेत कई अधिकारियों को अलग-अलग मंत्रालयों में नई जिम्मेदारी दी गई है।
नौकरशाहों के विभागों में बड़ा फेरबदल
- फोटो : एएनआई
केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 48 वरिष्ठ अधिकारियों की नई नियुक्तियां की हैं। इनमें कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को जॉइंट सेक्रेटरी और बराबर के पदों पर तैनात किया गया है। वहीं हार्दिक सतीशचंद्र शाह को प्रधानमंत्री के निजी सचिव के तौर पर ही अब जॉइंट सेक्रेटरी स्तर पर नियुक्त किया गया है। वे पहले से इस पद पर काम कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें उच्च स्तर की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा अलग-अलग मंत्रालयों में भी अहम बदलाव किए गए हैं। कपील मीना कपिल मीना को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। प्रियंका दास को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके साथ ही जवाहर पकिरिसामी को मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (MPEDA) का चेयरमैन बनाया गया है।
रक्षा और गृह मंत्रालय में नियुक्तियां
बता दें कि रक्षा मंत्रालय में प्रीति मीना, शैलेश कुमार चौरसिया और विनोद कुमार को जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है। वहीं अजीत कुमार श्रीवास्तव को अतिरिक्त वित्तीय सलाहकार और जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है।इसके साथ ही गृह मंत्रालय में महात्मे संदीप नामदेव और राकेश राठी को जॉइंट सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य अहम विभाग में भी नियुक्तियां
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आर्थिक मामलों के विभाग में साक्षी मित्तल और लाया मद्दुरी।
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दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में विकास सिंह और गिरीश चंद्रशेखर होसुर।
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उर्वरक विभाग में बंदाना प्रेयसी।
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स्वास्थ्य मंत्रालय में मुथुकुमार अलगुमुथु और प्रभाकर।
भूमि संसाधन विभाग से उद्योग तक भी नियुक्तियां
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भूमि संसाधन विभाग में परिकीपंडला नरहरि।
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कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में हरमीत सिंह पाहुजा।
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पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय में वेंकटेशपति एस और प्रवीण पी नायर।
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उद्योग और आंतरिक व्यापार विभाग में काजल और सुमीत कुमार जारंगल।
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अंतरिक्ष विभाग में सरवनन एम।
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दूरसंचार विभाग में के. बालाजी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार समय-समय पर इस तरह के फेरबदल करती है ताकि प्रशासनिक कामकाज को और बेहतर बनाया जा सके। ऐसे में अब इस बार का यह बड़ा बदलाव कई अहम मंत्रालयों और विभागों को सीधे प्रभावित करेगा।