मध्य प्रदेश के भोपाल में एक डॉक्टर को मरे हुए व्यक्ति का फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट बनाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जिस शख्स की मौत साल 2006 में हो गई थी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. व्हीएन झरबड़े ने उसका फिटनेस सर्टिफिकेट 10 मई 2011 को जारी किया था।
मामले की लंबी जांच के बाद डॉ. झरबड़े के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शहर के स्वास्थ्य संचालनायल ने डॉ. झरबड़े से 15 दिन के अंदर सफाई मांगी है, साथ ही सुनवाई का अवसर भी दिया है।
संचालनायल ने कहा कि अगर वे मामले में सफाई पेश करना चाहते हैं तो गवाह और जरूरी कागजों की सूचि उन्हें भेजे। दरअसल, इस मामले की शिकायत लोकायुक्त में हुई थी, जिसके बाद जांच में पता चला कि 23 दिसंबर 2006 को शख्स की मौत हादसे में हुई थी। ऐसा माना जा रहा है कि डॉ. झरबड़े ने अपनी गलती स्वीकार ली है।