भगवान ने जिसे जिंदगी दी, वहीं उसे सांसें भी देता है। हुआ यूं कि टॉयलेट में महिला ने बच्चा जन्मा जो फ्लश हो गया। महिला बेखबर थी, लेकिन 2 घंटे बाद उसे अच्छी खबर मिली।
दो घंटे के बाद जब बच्चे को सीवरेज टैंक से निकाला गया, तब तक उसकी सांस चल रही थी। मामला, मध्यप्रदेश में चंबल के शेओपुर जिले का है। 28 वर्षीय पपीता गुर्जर 9 माह से गर्भवती थी। सुबह शौच के बाद उसे पेट दर्द की शिकायत हुई तो उसका पति घनश्याम उसे अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने देखा, उसका गर्भ खाली था।
डॉक्टर अशोक खरे ने तुरंत महिला के घर एंबूलेंस भेजी, जब एंबुलेंस का ड्राइवर टॉयलेट में गया तो वहां बच्चे के रोने की आवाज आई। टैंक खोलकर देखा गया तो वहां तैर रहा था और जिंदा था। नवजात को वहां से निकालकर जल्दी से अस्पताल लाया गया, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। पुलिस ये जांच कर रही है कि ये जानबूझकर किया गया या महज हादसा था।