भले ही चीजें वापस सामान्य होने लगें पर फिर भी हमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना ही होगा।आईआईटी भुवनेश्वर में किए गए एक हालिया अध्ययन के अनुसार, मास्क के साथ भी सामाजिक दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि हवा में मौजूद कोरोना का वायरस मास्क लगाने के बाद भी हमें संक्रमित कर सकता है। ऐसे में हमें मास्क लगाने के साथ ही सामाजिक दूरी बनाए रखना चाहिए।
टीकाकरण कराने में संकोच न करें
भारत जनवरी 2021 से बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चला रहा है। कोविशील्ड और कोवैक्सिन के साथ शुरू हुए टीकाकरण अभियान में अब रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन भी शामिल है। दवा नियामकों ने व्यापक परीक्षण और शोध के बाद वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी है, लेकिन इस बीच ऐसी खबरें आई हैं कि लोग कोरोना टीका लेने से कतराते हैं। लोगों में डर है कि इससे नपुंसकता, बांझपन और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। इन अफवाहों के फैलने के बाद विशेषज्ञों ने कहा कि टीकाकरण जीवन बचाने का एकमात्र मंत्र है और हर्ड इम्यूनिटी बनाने की दिशा में सही कदम है।
सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें
सिर्फ इसलिए कि आपको टीका लगाया गया है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप लोगों से भरी हुई जगहों पर जा सकते हैं। यह समझना चाहिए कि विशेषज्ञों का सुझाव है कि जब तक अंतिम व्यक्ति को टीका नहीं लगा दिया जाता, तब तक कोरोना वायरस के प्रसार का जोखिम बना रहेगा। इस खतरे को कम करने के लिए किसी को तब तक घर के अंदर रहना चाहिए, जब तक कि आबादी के एक बड़े हिस्से को टीका नहीं लग जाता।
हम लंबे समय से अपने घरों तक ही सीमित हैं और समुद्र तट या पहाड़ों पर जाने की इच्छा को दबा दिया है, लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि यह घूमने-फिरने के लिए सही समय नहीं हो सकता है। हमें अपनी यात्रा की योजना के बारे में सतर्क रहना चाहिए क्योंकि यह विशेष रूप से हमारे परिवार के सदस्यों व सैकड़ों अन्य लोगों को प्रभावित कर सकता है। बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके।
निगरानी जरूरी
अन्य बीमारियों से ग्रसित कोविड-19 के मरीजों में हमेशा गंभीर लक्षण होने का अधिक खतरा होता है। डॉक्टर उच्च जोखिम वाले वर्ग को संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। रिकॉर्ड कोविड मौतों के साथ देश में कोविड-19 की दूसरी लहर में म्यूकरमाइकोसिस जैसे फंगल इंफेक्शन की सुनामी भी देखी गई। डॉक्टर डायबिटीज से ग्रसित कोरोना मरीजों को ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस के संक्रमण के संभावित लक्षणों के लिए सतर्क रहने की सलाह देते हैं। ऐसे लोग अधिक असुरक्षित हैं इसलिए कोरोना के अलावा अन्य कई बीमारी से पीड़ित लोग अपनी नब्ज की निगरानी करें और कोविड-19 के नियंत्रण प्रोटोकॉल को गंभीरता से लें।