केन्द्र सरकार रोजगार खत्म होने की दशा में विदेशों की तर्ज पर सेवरेज पैकेज देने पर विचार कर रही है। ताकि यदि किसी की नौकरी चली जाए तो उसके सामने तत्काल हाथ खाली होने का संकट न पैदा हो। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार सचिव शंकर अग्रवाल ने कहा कि हम कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा की इस योजना पर विचार कर रहे हैं और केन्द्र सरकार इसके प्रति गंभीर है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में शंकर अग्रवाल ने कहा कि एक साल के वेतन पर कर्मी को 45 दिन के वेतन का अतिरिक्त भुगतान किए जाने की योजना के अलावा हम इस भी विचार कर रहे हैं कि नौकरी जाने की दशा में उसे क्या और कितना भुगतान सुनिश्चित किया जा सकता है। ताकि किसी युवा की नौकरी जाने की दशा में उसे अधिक तंगी न झेलनी पड़े। वह आसानी से दूसरा रोजगार ढूंढ ले। गौरतलब है कि अमेरिका सरीखे अन्य विकसित और ठोस अर्थ व्यवस्था वाले देशों में इसी तरह की व्यवस्था है।
शंकर अग्रवाल ने कहा कि कोई युवा अब यह मानकर न चले कि उसे एक ही स्थान पर स्थायी नौकरी करनी है। आने वाले समय में नौकरियां जा सकती हैं। सरकार नौकरी में स्थायित्व को लेकर सख्त नियम कायदे के पक्ष में नहीं है, लेकिन केन्द्र एक नई व्यवस्था पर जरूर काम कर रहा है। इस व्यवस्था में युवाओं के सामने रोजगार जाने पर दूसरा रोजगार पाने में अधिक समस्या नहीं आएगी और बाजार में रोजगार के पर्याप्त विकल्प मौजूद होगें ।