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DNPA: फ्लेचर बोले- आने वाले वक्त में भारत डिजिटल की दुनिया में सबसे आगे होगा, जानें किसे मिला कौन-सा अवॉर्ड

Fri, 20 Jan 2023 09:25 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स असोसिएशन की कॉन्फ्रेंस में डिजिटल मीडिया के मैदान में बेहतरीन तरीके से काम करने वाले दिग्गजों को एक्सचेंज फॉर मीडिया और डीएनपीए डिजिटल इंपैक्ट अवॉर्ड्स 2023 भी दिए गए। कुल आठ श्रेणियों में ये अवॉर्ड दिए गए।
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डीएनपीए डिजिटल इंपैक्ट अवॉर्ड्स विजेता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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डिजिटल मीडिया के भविष्य, चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर शुक्रवार (20 जनवरी) को डीएनपीए यानी डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स असोसिएशन की कॉन्फ्रेंस हुई। इस दौरान देश-दुनिया के तमाम दिग्गजों ने डिजिटल मीडिया का ईकोसिस्टम बनाने को लेकर अपनी राय रखी। वहीं, डिजिटल मीडिया के मैदान में बेहतरीन तरीके से काम करने वाले दिग्गजों को कार्यक्रम के दौरान एक्सचेंज फॉर मीडिया और डीएनपीए डिजिटल इंपैक्ट अवॉर्ड्स 2023 भी दिए गए। आइए हम आपको बताते हैं कि कौन-सा अवॉर्ड किसे दिया गया?

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इन आठ श्रेणियों में दिए गए अवॉर्ड
1. मानव संसाधन विकास और शिक्षा के लिए डिजिटल मीडिया का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल
2. स्वास्थ्य के लिए डिजिटल मीडिया का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल
3. वित्तीय सुधारों के लिए डिजिटल मीडिया का बेहतरीन इस्तेमाल
4. स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए डिजिटल मीडिया का सर्वोत्तम उपयोग
5. ईज ऑफ बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल मीडिया का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल
6. शासन और प्रशासनिक सुधारों के लिए डिजिटल मीडिया का सर्वोत्तम उपयोग
7. महिला एवं बाल कल्याण सुधारों के लिए डिजिटल मीडिया का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल
8. ईज ऑफ लिविंग के लिए डिजिटल मीडिया का बेहतरीन उपयोग

किसे मिला कौन-सा अवॉर्ड?
1. दीक्षा: DIKSHA को मानव संसाधन विकास और शिक्षा के उद्देश्य से डिजिटल माध्यम के श्रेष्ठ इस्तेमाल की श्रेणी में चुना गया। यह नॉलेज को साझा करने के लिए बनी डिजिटल अधोसरंचना है। यह प्लेटफॉर्म शिक्षा मंत्रालय के NCERT के तहत काम करता है।

2. कोविन एप: Co-WIN देश में टीकाकरण मुहिम के पीछे की डिजिटल बुनियाद है। इसे स्वास्थ्य सेवाओं के उद्देश्य से डिजिटल मीडिया के श्रेष्ठ इस्तेमाल की श्रेणी में चुना गया। यह एप स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन संचालित होता है।
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3. प्रधानमंत्री जनधन योजना: यह वित्तीय समावेश की दिशा में बड़ा बदलाव लाने वाली योजना है। इसे वित्तीय सुधारों के उद्देश्य से डिजिटल मीडिया के श्रेष्ठ इस्तेमाल की श्रेणी में चुना गया। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के तहत यह योजना संचालित होती है।

4. कैम्पा: CAMPA ई-ग्रीन वॉच पोर्टल है। इसे टिकाऊ पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से डिजिटल मीडिया के श्रेष्ठ इस्तेमाल वाली श्रेणी में चयनित किया गया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत यह पोर्टल काम करता है।

5. ई-गवर्नेंस पोर्टल: यह राष्ट्रीय पोर्टल है, जो सरकार की तरफ से इलेक्ट्रॉनिकली दी जाने वाली सूचना और सेवाओं तक सिंगल विंडो एक्सेस मुहैया कराता है। इसे ईज ऑफ बिजनेस के उद्देश्य से डिजिटल मीडिया के श्रेष्ठ इस्तेमाल की कैटिगरी में चुना गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत यह पोर्टल काम करता है।

6A. जीएसटी पोर्टल  
6B. एक देश, एक राशन कार्ड योजना
जीएसटी पोर्टल वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत काम करता है। एक देश, एक राशन कार्ड योजना उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन काम करती है। इन दोनों को शासन और प्रशासनिक सुधारों के उद्देश्य से डिजिटल मीडिया के श्रेष्ठ इस्तेमाल की श्रेणी में चुना गया।

7A. पोषण ट्रैकर एप
7B. हिम्मत प्लस एप
इन दोनों एप को महिला और बाल कल्याण के सुधारों के उद्देश्य से डिजिटल मीडिया के श्रेष्ठ इस्तेमाल की कैटिगरी में चुना गया। पोषण ट्रैकर एप महिला और बाल विकास मंत्रालय और हिम्मत एप दिल्ली पुलिस के अधीन काम करता है। 

8. डिजिलॉकर: डिजिलॉकर को ईज ऑफ लिविंग के उद्देश्य से डिजिटल मीडिया के श्रेष्ठ इस्तेमाल की श्रेणी में चयनित किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत यह पोर्टल काम करता है।

आने वाले वक्त में भारत डिजिटल की दुनिया में सबसे आगे होगा : फ्लेचर
डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) और एक्सचेंज फॉर मीडिया की तरफ से शुक्रवार को हुए सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया के सांसद और पूर्व संचार मंत्री पॉल फ्लेचर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने 'न्यूज मीडिया बार्गेनिंग कोड' कानून लाकर डिजिटल युग में बड़ा बदलाव किया है।

फ्लेचर ने कहा कि आने वाले वक्त में भारत डिजिटल की दुनिया में सबसे आगे होगा। अगले 10 साल के दौरान डिजिटल क्षेत्र में बहुत कुछ बदल जाएगा। इस दौरान हमें कई अहम पहलुओं पर न सिर्फ नजर रखनी होगी, बल्कि डिजिटल व्यवसाय और कंटेंट के लिहाज से बेहद जागरूक भी रहना होगा। ऑस्ट्रेलिया ने अपने डिजिटल अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और सफलता हासिल की। उसी तरह भारत को भी अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़नी होगी।

फ्लेचर ने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए डिजिटल मीडिया के अधिकारों के लिए गूगल और फेसबुक न्यूज मीडिया पब्लिशर्स के साथ व्यावसायिक डील पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि तमाम जद्दोहद के बाद ऑस्ट्रेलिया में न्यूज मीडिया पब्लिशर्स आज पहले के मुकाबले गूगल से लगभग 20 गुना और मेटा से 13 गुना ज्यादा कारोबार करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल मीडिया को लेकर संभावनाएं सबसे ज्यादा हैं।  आने वाले दिनों में उसकी पहुंच सबसे ज्यादा होगी। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि भारत सरकार ने जिस तरह डिजिटल अपनाया और देश के लोगों को इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया, वह बेहद अहम कदम है।

राज्य मंत्री बोले- फेक न्यूज रोकना जिम्मेदारी
कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया का दायरा बहुत बड़ा है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सबसे पहले सूचनाएं इसी प्लेटफॉर्म से पहुंचती हैं। इसलिए हमारी जिम्मेदारी भी ज्यादा है कि हमें फेक न्यूज को रोकना है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मॉनेटाइजेशन का मुद्दा है, जिसे दूर किया जाना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के मंत्री फ्लेचर ने जो यहां कहा, मैं भी उससे वास्ता रखता हूं। कार्यक्रम के आयोजकों से मुखातिब होते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि वह उनके हक के लिए हमेशा साथ खड़े हैं। 

विकास के लिए डिजिटल मीडिया का भी ईकोसिस्टम बनना चाहिए
डीएनपीए के चेयरमैन और अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने कहा, ‘डिजिटल समाचार, उसके प्रकाशक और एसोसिएशंस डिजिटल मीडिया के विकास को बढ़ावा देने और देश में डिजिटल न्यूज का ईकोसिस्टम बनाने के लिए हैं। सत्यापित खबरें देने का तंत्र हमारे लोकतंत्र का मूलभूत अधिकार है। डीएनपीए को बनाने का सिर्फ एक ही मकसद है कि डिजिटल न्यूज ईकोसिस्टम को बढ़ावा दिया जाए। इसकी मदद से सत्यापित खबरें देने की संस्कृति को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही, फेक न्यूज के खिलाफ खुलकर जंग लड़ी जा सके।’

माहेश्वरी ने कहा कि ‘यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम न सिर्फ डिजिटल ईकोसिस्टम की रक्षा करें, बल्कि प्रिंट और टेलीविजन ईकोसिस्टम की तरह डिजिटल को भी बढ़ावा दें। डीएनपीए का मकसद डिजिटल इनोवेशन करना है, जिससे नए अंदाज में देश का निर्माण किया जा सके। डिजिटल इंडिया को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से हम सभी भली-भांति परिचित हैं।’

कोरोना काल में डिजिटल बना पहली पसंद
बिजनेस वर्ल्ड और एक्सचेंज फॉर मीडिया के चेयरमैन व प्रधान संपादक डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा, ‘पिछले तीन साल में कोरोना काल के दौरान डिजिटल आम लोगों के लिए पहली पसंद बना। इसने यह सुनिश्चित किया कि लोगों तक अच्छा कंटेंट पहुंचे, चाहे वह टेक्स्ट में हो या ऑडियो या वीडियो में। एलन मस्क भी कह चुके हैं भारत जैसा दुनिया में कोई दूसरा देश नहीं है। कोरोना काल में प्रिंट मीडिया ने भी कई चुनौतियों का सामना किया। इनमें सबसे प्रमुख चुनौती न्यूज प्रिंट की लागत में इजाफा होना है।’

विशेषज्ञों ने रखी अपनी-अपनी राय
‘डिजिटल मीडिया और उसके सोशल मीडिया पर असर’ विषय पर हुए सत्र में हिंदुस्तान टाइम्स के सीईओ पुनीत जैन ने फ्लेचर के साथ डिजिटल मीडिया के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। वहीं, रेडियो जॉकी साइमा ने कहा कि जब नया मीडिया सामने है तो उसकी चुनौतियां भी बहुत हैं। सबसे बड़ी चुनौती फेक न्यूज की है।

  • ए-पीएजी के सीईओ विजय चढ्ढा ने कहा कि डिजिटल मीडिया लोगों की जिंदगी बचा रहा है। कोविड के दौर में इसके महत्व को समझा जा सकता है।
  • एपीआईजी के प्रबंध निदेशक पियरे पेटिलौट ने यूरोपियन यूनियन के नए कॉपीराइट नियमों के बारे में बात की।
  • व्यावसायिक सफलता के लिए आईपीआर जरूरी
  • लोकमत डिजिटल के प्रेसिडेंट हेमंत जैन ने कहा कि किसी भी डिजिटल की व्यावसायिक सफलता के लिए आईपीआर यानी बौद्धिक संपदा कानून संबंधित नियम बनाना बेहद जरूरी हैं।
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