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इंडिया गठबंधन में पड़ी दरार: DMK ने 8 जून को होने वाली बैठक से बनाई दूरी, कांग्रेस पर लगाया धोखा देने का आरोप

Thu, 04 Jun 2026 05:55 PM IST
Rahul Kumar एएनआई, चेन्नई।

सार

 एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके ने 8 जून को नई दिल्ली में प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की बैठक से दूर रहने का फैसला किया है। यह निर्णय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और डीएमके के बीच बढ़ती राजनीतिक दूरी के चलते लिया है। 
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विपक्षी गठबंधन इंडिया। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने आठ जून को नई दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में भाग न लेने का फैसला किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। बता दें कि विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस, डीएमके का साथ छोड़कर टीवीके के साथ गठबंधन में शामिल हो गई थी, जिसे डीएमके ने धोखा करार दिया था। बता दें कि डीएमके इंडिया गठबंधन की प्रमुख सहयोगियों में से एक थी। 

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कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप

बयान में डीएमके ने कहा कि वह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। पार्टी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट), निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, 'वन नेशन, वन इलेक्शन' प्रस्ताव, वक्फ अधिनियम में संशोधन और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) में बदलाव जैसे मुद्दों पर अपने विरोध का उल्लेख किया।

पार्टी ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर उसने संसद में बहस, विधायी मंचों पर हस्तक्षेप, जनआंदोलनों और कानूनी कार्रवाई जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों का सहारा लिया है। डीएमके ने यह भी दावा किया कि इंडी गठबंधन के गठन और संचालन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वह शुरुआत से ही इस विपक्षी गठबंधन के प्रमुख स्तंभों में से एक रही है। पार्टी ने कहा कि उसके अध्यक्ष एमके स्टालिन राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर लगातार मुखर रहे हैं और गठबंधन में उनके योगदान को अन्य दलों ने भी स्वीकार किया है।

हालांकि, डीएमके ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस के व्यवहार को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी कारण कांग्रेस की मौजूदगी वाली इस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया गया है। इसके बावजूद डीएमके ने कहा कि वह राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रहेगी और विपक्षी दलों तथा इंडी गठबंधन में उठने वाले महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखती रहेगी।

टीवीके साथ जाते हुए डीएमके ने अलग होने का कर दिया था एलान 
इंडिया ब्लॉक में पड़ी यह दरार संसद तक भी पहुंच चुकी है। रिश्तों में आई दरार उस वक्त सामने आ गई थी,  जब डीएमके सांसद कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर डीएमके सांसदों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग की थी। उन्होंने कांग्रेस से अलग होने के बाद "बदले हुए राजनीतिक हालात" का हवाला दिया था। इस कदम को इंडिया गठबंधन के भीतर पड़ी दरार की पहली औपचारिक अभिव्यक्ति के तौर पर देखा गया।
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बंगाल चुनावों में  मिली हार के बाद इंडिया गठबंधन एकजुट होने की तैयारी में
तृणमूल कांग्रेस की 2026 बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार ने इंडिया गठबंधन को फिर से एकसाथ आने का मौका दिया है। ममता बनर्जी 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल हो सकती हैं। बैठक में हालिया हार और आगे रणनीति पर चर्चा का अनुमान है। 

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