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Dravidian Identity: द्रविड़ पहचान के राज्यपाल के दावे को द्रमुक ने ठुकराया, रवि को बताया 'संघ का आदमी'

Tue, 11 Oct 2022 02:59 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

अन्नाद्रमुक ने राज्यपाल के दृष्टिकोण का समर्थन किया है। पार्टी ने कहा कि द्रविड़ क्षेत्र में दक्षिण भारत के पांच राज्यों का भौगोलिक क्षेत्र शामिल है। द्रमुक अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए राजनीतिक बयानबाजी में लिप्त है। 

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तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि - फोटो : ANI
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विस्तार
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बंगाल और केरल के बाद अब तमिलनाडु में राज्यपाल व सत्तारूढ़ दलों के बीच विवाद पैदा हो गया है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक ने राज्यपाल आरएन रवि को 'संघ का आदमी' बता दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने द्रविड़ अवधारणा को लेकर राज्यपाल रवि का दावा भी खारिज कर दिया। 

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राज्यपाल रवि ने सोमवार को दावा किया था कि द्रविड़ अवधारणा दक्षिणी राज्यों के लोगों की पहचान व उन्हें एकजुट करती है, लेकिन विभाजन की राजनीति के कारण अब यह मात्र एक तमिल पहचान बनकर रह गई है। द्रमुक ने कहा कि यह आरएसएस के आदमी का बयान है न कि राज्यपाल पद धारण करने वाले व्यक्ति का। 

अन्नाद्रमुक ने किया राज्यपाल के दावे का समर्थन
द्रमुक के उलट तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने राज्यपाल के दृष्टिकोण का समर्थन किया है। पार्टी ने कहा कि द्रविड़ क्षेत्र में दक्षिण भारत के पांच राज्यों का भौगोलिक क्षेत्र शामिल है। द्रमुक अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए राजनीतिक बयानबाजी में लिप्त है। 
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हजारों साल की सभ्यता को समझने के लिए भारत को समझना होगा
राज्यपाल रवि ने सोमवार को चेन्नई स्थित राजभवन में 'एक भारत श्रेष्ठ भारत-कनेक्टिंग इंडिया' श्रृंखला पर दो दिनी संगोष्ठी के उद्घाटन पर कहा था कि भारत देश को दिया गया एक नाम है। इस राष्ट्र को समझने के लिए भारत को समझना होगा, जिसकी हजारों साल की सभ्यता हमें गौरवान्वित करती है। दुर्भाग्य से अंग्रेज राज के दौरान हम विभाजित हो गए। बाद में, हम राजनीतिक आधार पर खंडित होने लगे।

पड़ोसी राज्यों के प्रवासी कहलाने लगे
राजनीति मुख्य रूप से सत्ता को लेकर होती है। उदाहरण के रूप में समझें कि 1956 तक मद्रास एक राज्य था, लेकिन इसके बाद में भाषाई आधार पर कई राज्य बनाए गए। जो लोग केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से तमिलनाडु आए थे और इस राज्य में कई सैकड़ों वर्षों से रह रहे थे, उन्हें 'पड़ोसी राज्यों के प्रवासी' कहा जाता है।

राज्यपाल रवि ने सवाल किया कि 'हम और वे' क्या है? इसी राजनीति ने हमें विभाजित किया है। यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर भी जब हम द्रविड़ियन कहते हैं, तो यह इन सभी चार राज्यों को कवर करता है, लेकिन, आज यह एक तमिल पहचान बनकर रह गया है। 

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