सीबीएसई में हिंदी को अनिवार्य करने को गैर हिंदी भाषी लोगों के साथ पक्षपात का आरोप लगाने वाले डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वो राज्य के अंदर राजनीतिक जमीन हथियाने और राज्य की राजनीति को अस्थिर करने के लिए आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
ये अब स्पष्ट हो चुका है कि राज्य के अंदर हो रहे आयकर विभागों के सुनियोजित छापे, गिरफ्तारियों के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ है और वो इसके जरिए एआईडीएमके को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। स्टालिन ने केंद्र सरकार पर हमले का ये वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर हुए आयकर विभाग के छापे के जवाब में स्टालिन ने कहा कि जब्त हुए दस्तावेज उजागर करते हैं कि शशिकला कैंप ने लगभग 89 करोड़ रुपये आरकेनगर उपचुनाव में मतदाताओं के बीच बांटे थे।
जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने इस चुनाव को रद्द कर दिया। स्टालिन ने केंद्र सरकार पर ओ-पनीरसेल्वम के धड़े को सपोर्ट करने का आरोप भी लगाया। स्टालिन ने तमिलनाडु के किसानों के सूखे से राहत के लिए किए गए प्रदर्शन का भी जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। पूरा का पूरा क्षेत्र सूखे की मार से जूझ रहा है, लेकिन उसके लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। स्टालिन ने तमिलनाडु के किसानों की मांगों को दरकिनार करने का आरोप भी केंद्र सरकार पर लगाया।