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DMK: 'द्रमुक राम मंदिर के खिलाफ नहीं, लेकिन मस्जिद गिराने के बाद बने मंदिर से भी सहमत नहीं', बोले उदयनिधि

Thu, 18 Jan 2024 04:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

Tamil Nadu: तमिलनाडु सरकार के युवा कल्याण और खेल विकास विभाग संभालने वाले मंत्री एमके स्टालिन राम मंदिर को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ नहीं है। लेकिन वह मस्जिद को ढहाने के बाद बने मंदिर से भी सहमत नहीं है। 
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उदयनिधि स्टालिन। - फोटो : अमर उजाला।
अयोध्या में राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा समारोह' के लिए अब कुछ ही दिनों का समय शेष है। लेकिन, उससे पहले इसको लेकर विपक्षी दलों के नेताओं की टिप्पणियों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस बीच, द्रमुक नेता उदनिधि स्टालिन ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी राम मंदिर निर्माण के खिलाफ नहीं है। लेकिन, वह मस्जिद गिराने के बाद बने मंदिर का विरोध कर रही है। 
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बाबरी विध्वंस - फोटो : सोशल मीडिया
मंदिर बनाने से दिक्कत नहीं लेकिन...
तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके दिवंगत नेता एम करुणानिधि ने कहा था कि द्रमुक किसी विशेष धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं है। द्रमुक की युवा शाखा के प्रमुख ने 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'हमें वहां मंदिर बनने से कोई दिक्कत नहीं है। हम एक मस्जिद को ध्वस्त करने के बाद मंदिर निर्माण से सहमत नहीं हैं।' उदयनिधि ने कहा, 'हमारे कोषाध्यक्ष (टी आर बालू) पहले ही कह चुके हैं कि अध्यात्म और राजनीति को आपस में नहीं मिलाना चाहिए।' अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी। 
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राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
नीट के विवाद पर क्या बोले उदयनिधि
राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) के विवाद को लेकर मंत्री ने कहा, 'नीट विरोधी अभियान के तहत द्रमुक को करीब 85 लाख लोगों के हस्ताक्षर मिले हैं। जबकि, लक्ष्य 50 लाख का था।' उन्होंने कहा, '21 जनवरी को पार्टी की युवा शाखा के सम्मेलन के दौरान उन्हें मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को सौंपा जाएगा।' उन्होंने कहा, 'ऑनलाइन और डाक के जरिए मिले हस्ताक्षर बाद में राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे।' उन्होंने बताया कि सलेम में होने वाले सम्मेलन में तीन से चार लाख लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। 
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तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि - फोटो : सोशल मीडिया
क्यों है तमिलनाडु में नीट को लेकर विवाद
तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने नीट से प्रदेश के छात्रों को छूट देने वाला विधेयक वापस कर दिया था। इसके बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने इसे लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। द्रमुक सरकार ने नीट में राज्य के मेडिकल छात्रों को छूट देने के लिए 13 सितंबर 2021 को एक विधेयक पेश किया था। इसमें प्रावधान किया गया था कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को यह परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। इसके अलावा, उन्हें कक्षा 12वीं की परीक्षा में मेरिट के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। लेकिन, इस विधेयक को राज्यपाल ने तीन फरवरी, 2022 को वापस कर दिया था। 
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