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DMK की चेतावनी: विकास में बाधा डालने वाले सभी राज्यपालों का होगा वही हाल, जैसा सौंदरराजन का हुआ

Tue, 13 Sep 2022 10:05 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

'मुरासोली' के लेख में तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि राज्यपालों को चुनी हुई सरकारों के साथ टकराव से बचना चाहिए।
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Dr Tamilisai Soundararajan - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सत्तारूढ़ द्रमुक ने उन राज्यपालों पर तीखा हमला किया है जो कथित तौर पर राज्य सरकार की कल्याणकारी पहलों और कानूनों का विरोध करते हैं। द्रमुक ने चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों का भी वैसा ही हश्र होगा जैसाकि तेलंगाना की राज्यपाल डॉ. तिमिलिसाई सौंदरराजन का हुआ था। 

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राज्यपाल सौंदरराजन ने द्रमुक के मुखपत्र 'मुरासोली' में की गई टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताया है। सौंदरराजन ने हाल ही में आरोप लगाया था कि तेलंगाना में टीआरएस नीत सरकार द्वारा उन्हें अपमानित किया गया और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। 

'मुरासोली' के लेख में तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि पर निशाना साधते हुए कहा गया है कि राज्यपालों को चुनी हुई सरकारों के साथ टकराव से बचना चाहिए। बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को लेकर द्रमुक और राज्यपाल रवि के बीच टकराव हुआ था जिसमें राज्य को नीट से छूट देने की मांग की गई थी। 
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लेख में कहा गया है कि यदि विधानसभा में पारित विधेयकों को राष्ट्रपति की सहमति के लिए नहीं भेजा जाता है तो कोई भी निर्वाचित सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। राज्यपालों को जनहितैषी पहले के आड़े नहीं आना चाहिए। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि विकास में बाधा डालने वाले राज्यपालों का भी वहीं हश्र होगा जो सौंदरराजन का हुआ।

इस लेख में दावा किया गया है कि तेलंगाना सरकार ने सौंदरराजन को विधानसभा को संबोधित करने के अवसर से वंचित कर दिया। तमिलनाडु में राज्यपाल के साथ भी ऐसी ही स्थिति है, अगर वे अपनी संवैधानिक शक्तियों की रेखा पार करने का प्रयास करेंगे तो उनके साथ भी ऐसा ही होगा। 

इसमें आगे राज्यपाल रवि पर नीट परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है और दावा किया गया है कि अगर उन्हें जमीनी हकीकत पता होती तो उन्होंने अपना विचार बदल लिया होता। 

वहीं मुरासोली में छपे में लेख को लेकर सौंदरराजन ने प्रतिक्रिया देते हुए संवाददाताओं से कहा कि मेरा कभी अपमान नहीं हुआ। लेकिन मैं इस बात से हैरान हूं कि तमिलनाडु में कोई कैसे खुशी मना सकता है जब उनकी बहन का दूसरे राज्य में अपमान किया जाता है। यह सही मानसिकता नहीं है। 
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