डीएमके विधायक वी सेंथिल बालाजी मंगलवार को पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश हुए। दरअसल, यह पूछताछ पिछले साल तमिलनाडु के करूर शहर में टीवीके प्रमुख विजय की राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ के संबंध में है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एसआईटी से यह मामला अपने हाथ में ले लिया।
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रैली में क्या हुआ था?
टीवीके प्रमुख और अभिनेता विजय की 27 सितंबर, 2025 को करूर में एक रैली की। इस दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 60 से अधिक लोग घायल हो गए। पिछले साल अक्टूबर में, सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई निदेशक को जांच का जिम्मा संभालने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया। इसके साथ ही जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में एक पर्यवेक्षी समिति गठित करने का निर्देश दिया था।
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न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और एनवी अंजारी की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा था कि भगदड़ ने पूरे देश के नागरिकों के मन पर एक छाप छोड़ी है। अदालत ने कहा कि इसका नागरिकों के जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। वे अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के मौलिक अधिकारों को लागू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीठ ने कहा, "आपराधिक न्याय प्रणाली में जांच प्रक्रिया पर आम जनता का विश्वास और भरोसा बहाल किया जाना चाहिए। इसके साथ ऐसा विश्वास जगाने का एक तरीका यह सुनिश्चित करना है कि वर्तमान मामले में जांच पूरी तरह से निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो।"