द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने मंगलवार को तमिलनाडु निकाय चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दूसरी अवमानना याचिका दायर की। डीएमके का आरोप है कि स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण से संबंधित शीर्ष अदालत के आदेशों का कथित तौर अनुपालन नहीं किया गया है। उसने मांग की है कि 11 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवज्ञा करने के लिए अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए।
याचिका में कहा गया है कि अदालत के आदेशों के बावजूद 2016 की अधिसूचना के आधार पर आरक्षण प्रदान किया गया और इसे 1991 की जनगणना के आधार पर ही कर दिया गया जबकि 2011 में एक नई जनगणना की गई थी। इतना ही नहीं, राज्य में 2018 में नया परिसीमन भी किया गया था।