कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (फाइल फोटो)
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लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद से ही राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कर्नाटक सरकार और केंद्र के बीच सूखा राहत राशि को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीते कुछ दिनों पहले राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि केंद्र ने सूखा राहत राशि हमें जारी नहीं की, जिसके बाद केंद्र ने जवाबी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस की राज्य सरकार ने देर से राशि के लिए प्रस्ताव भेजा था। इस बीच, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक बार फिर केंद्र की आलोचना की है। साथ ही कहा कि सूखा राहत राशि में देरी को स्वीकार करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया।
वित्त मंत्री ने माना सूखा राहत राशि देने में हुई देरी- शिवकुमार
एक कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री शिवकुमार द्वारा संबोधन में कहा गया कि निर्मला सीतारमण ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने राज्य को सूखा राहत राशि देने में देरी की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने कहा है कि आम चुनाव की घोषणा के कारण हम राशि नहीं दे पाएं। मुझे समझ नहीं आता है कि चुनाव और सूखा राहत के बीच क्या संबंध है। गौरतलब है कि सीतारमण ने कहा कि शनिवार को कर्नाटक को सूखा राहत देने में देरी हुई और यह जानबूझकर नहीं किया गया क्योंकि केंद्र को चुनाव आयोग से अनुमति लेनी पड़ी।
केंद्र कर रहा कर्नाटक के साथ अन्याय- शिवकुमार
केंद्र पर कटाक्ष करते हुए शिवकुमार ने कहा कि लोग जानते हैं कि केंद्र ने कर्नाटक के साथ कितना अन्याय किया है। हमने चार महीने पहले अपनी सूखा राहत राशि के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। अपील के बाद चार महीने तक कोई आदर्श आचार संहिता नहीं थी। अब वह आचार संहिता का बहाना दे रही है। लोग केंद्र के अन्याय से देख रहे हैं।
मेकेदातु और महादायी के बारे में करने लगे बा- शिवकुमार
शिवकुमार ने मेकेदातु परियोजना के संबंध में एचडी कुमारस्वामी की टिप्पणियों का भी जवाब दिया और इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री की पिछली निष्क्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी अब मेकेदातु और महादायी के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन जब वह सत्ता में थे तो उन्होंने इसके बारे में कुछ नहीं किया। जब हम मेकेदातु के लिए पदयात्रा पर थे, तो उन्होंने कबाब खाने के लिए यात्रा निकालने के लिए हमारा मजाक उड़ाया था। उन्होंने जनता के लाभ के लिए मेकेदातु बांध बनाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।