Mallikarjun Kharge meets DK Shivakumar: कर्नाटक उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। शिवकुमार ने साफ किया कि चर्चा केवल मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर थी। उन्होंने कहा कि वह और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे।
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से बंगलूरू स्थित आवास पर मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के आधे रास्ते पर पहुंच चुकी है।
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मुलाकात के बाद शिवकुमार ने साफ किया कि उन्होंने कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं उठाया। उनके मुताबिक, चर्चा केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की जगह नए कानून लाने और उस पर पार्टी के रुख को लेकर थी। उन्होंने कहा कि वह और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हाईकमान के फैसले का सम्मान करते हैं और उसी के अनुसार काम करेंगे।
नेतृत्व विवाद पर स्थिति
कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तब और तेज हुईं, जब सरकार ने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा किया। हालांकि, खरगे पहले ही कह चुके हैं कि नेतृत्व को लेकर भ्रम केवल स्थानीय स्तर पर है, हाईकमान में नहीं। शिवकुमार ने इसे वरिष्ठ नेता की सलाह बताते हुए कहा कि पार्टी के अंदरूनी मामलों का समाधान संगठन के भीतर ही होगा।
पार्टी कार्यकर्ता का संदेश
शिवकुमार ने खुद को आजीवन पार्टी कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस के लिए हर स्तर पर काम किया है। पोस्ट या पद उनके लिए प्राथमिक नहीं है। जब उनसे मेहनत का इनाम मिलने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मनरेगा पर बड़ा आंदोलन
शिवकुमार ने केंद्र की नई योजना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह गरीबों, मजदूरों और किसानों के खिलाफ है। उन्होंने संकेत दिए कि राज्य कांग्रेस मनरेगा की बहाली के लिए बड़ा आंदोलन करेगी। 27 दिसंबर को होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इस मुद्दे पर रणनीति तय की जाएगी।
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