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Diwali 2024: भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवानों ने दिवाली मनाई; महिला सैनिक बोलीं, यही हमारा परिवार...

सार

दीपावली के मौके पर भारत-बांग्लादेश सीमा पर भी जश्न मनाया गया। सरहदों की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के साथ महिला सैनिकों ने भी दिवाली का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ यूनिट ही हमारा परिवार है। हमारा पहला फर्ज देश की सीमाओं की सुरक्षा करना है।
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बीएसएफ जवानों ने मनाई दिवाली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज दीपावली है...शाम होते ही पूरे देश में दीपावली की पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर (तीन बीघा कॉरिडोर क्षेत्र) में भी शाम ढलने को है, पंछी घोंसलों की ओर लौटने लगे हैं। चिड़ियों की चहचहाट दूर पेड़ों पर सुनाई दे रही है। लेकिन फ्रंट लाइन पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान पूरी मुस्तैदी से सीम पर गश्त कर रहे हैं। इन्हें देखकर कहीं नहीं लगता कि आज दीपावली का त्योहार है। लेकिन शाम ढलने के बाद बीएसएफ के जवानों के साथ अमर उजाला ने दिवाली मनाई। इस अवसर पर सीमा की फ्रंट लाइन पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, भले ही वे अपने परिवार से दूर हैं, लेकिन उनके मन में तनिक भी अफसोस नहीं है, क्योंकि बीएसएफ ही उनका परिवार है और इतने बड़े परिवार के साथ दिवाली मानना गर्व की बात है।
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पूरा देश ही हमारा परिवार
फ्रंट लाइन पर तैनात बीएसएफ की एक महिला जवान ने कहा, आज बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने सबसे पहले देशवासियों को दीपावली की शुभकामवाएं दीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, घर की याद आती है लेकिन हमारी प्राथमिकता है, हमारी ड्यूटी। एक घर है, जिसमें हमारे बच्चे और परिवार के सदस्य आते हैं। लेकिन दूसरा परिवार उससे बहुत बड़ा है, जिसमें पूरा देश आता है। दूसरी महिला जवान ने कहा, हम बीएसएफ की जवान हैं। हमारा पहला फर्ज है, सीमा की सुरक्षा। त्योहार के मौके पर तो घर की याद आना स्वाभाविक है, लेकिन जिस दिन से हमने बीएसएफ को चुना है, यही हमारा परिवार है। आज त्योहार के दिन हम घर से दूर है, इसका तनिक भी अफसोस नहीं है। इस बीएसएफ रूपी बड़े परिवार के साथ जुड़े हैं। यही हमारा परिवार, हमारा पहला फर्ज है, सीमाओं की सुरक्षा करना।

त्योहार पर छुट्टी नहीं मिली
एक जवान कहते हैं, दिवाली में घर जाने का मन करता है। लेकिन हम जीरो लाइन में है। हमारे कंधों पर जो जिम्मेदारी है, वह सबसे महत्वपूर्ण है। और वह जिम्मेदारी है, सीमाओं की रक्षा करना। इसलिए हमें कभी इस बात से मायूसी नहीं होती कि हमें त्योहर पर छुट्टी नहीं मिली। यह भी हमारा परिवार है और सबके साथ खुशी-खुशी त्योहार मनाते हैं।
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महिलाओं को कड़ी मेहनत करनी होगी
बीएसएफ में महिलाओं के लिए है बेहतरीन अवसर इस अवसर पर एक महिला जवान ने कहा, मेरा मानना है कि महिलाओं के लिए बीएसएफ बहुत अच्छा ऑप्शन है। बीएसएफ में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, जिनमें देश सेवा का जज्बा है, वे निश्चिंत होकर बीएसएफ ज्वाइन कर सकती हैं। यह एक परिवार की तरह है। यहां पर किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा, यहां पर वरिष्ठ अधिकारी अपने से छोटों का बहुत ख्याल रखते हैं। वरिष्ठों के मार्ग-दर्शन में हम बेहतरीन काम करने की कोशिश करती हैं। हम रात हो या दिन, किसी भी परिस्थिति और चुनौती में काम करती हैं। हमारे लिए यह सबसे गर्व की बात है। अगर कोई भी महिला इसमें आना चाहती हैं और बेहतरीन करियर बनाना चाहती हैं, तो इसके लिए उनका कड़ी मेहनत करनी होगी।
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