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मुक्त हुआ अगवा किया गया दिव्य, सीएम बोले... तुम बहादुर हो

Fri, 18 Mar 2016 04:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
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अखिलेश यादव दिव्य से मिले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चार दिन से बेचैन ताजनगरी को बृहस्पतिवार को सुकून मिला। लाखों शहरवासियों की दुआएं कबूल हुईं। सात साल का मासूम दिव्य अपहरणकर्ताओं की कैद से आजाद हो गया। पुलिस का दावा है कि ताजगंज क्षेत्र में गुरुवार सुबह हुई मुठभेड़ के बाद उसे छुड़ाया गया है। उसका अपहरण दो करोड़ की फिरौती के लिए किया गया था। उसकी कोठी के पिछलेहिस्से में किराए पर रहने वाला जूता कारीगर इजाउल हक उर्फ बब्बू ने वारदात की साजिश रची थी।
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छह अपहर्ताओं में से चार पकड़ लिए गए हैं। अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो कार बरामद कर ली गई है। दिव्य को पहले दिन आगरा शहर और अगले तीन दिन  झांसी, जयपुर, धौलपुर, मुरैना, राजाखेड़ा में रखा गया। मुख्यमंत्री अखिलेश ने दिव्य को छुड़ाने वाली टीम को पांच लाख और डीजीपी जावीद अहमद ने 50 हजार रुपये बतौर इनाम देने की घोषणा की है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल में कक्षा दो के छात्र दिव्य के पिता प्रतीक वार्ष्णेय स्टार पेपर के डिस्ट्रब्यूटर हैं। सेठ गली में हिंदुस्तानी पेपर के नाम से उनकी फर्म है। मदिया कटरा पर पेट्रोल पंप के पास कोठी है। दिव्य का अपहरण 13 मार्च की देर शाम उसकी दादी शशि वार्ष्णेय की आंखों के सामने सात बजे किया गया। वह उस समय कोठी के अंदर ही साइकिल चला रहा था।
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पूरी वारदात कोठी के सामने स्थित पिंटू के घर पर लगे चार सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। बाइक सवार दो बदमाश दिव्य को कोठी से उठाकर ले गए थे। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने मीडिया को बताया कि फुटेज से बदमाशों की पहचान कर ली गई थी। ताजगंज के दिगनेर नहर से बहटा गांव को जाने वाले रास्ते पर पुल के पास गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे पुलिस ने बदमाशों से मुठभेड़ के बाद दिव्य को मुक्त कराया।

आगरा के शमसाबाद के गोपालपुरा का हिस्ट्रीशीटर मुबीन, सैयदपाड़ा लोहामंडी का अज्जो पहलवान, शहीदनगर का इलाउल हक उर्फ बब्बू और बबीना ललितपुर रोड, झांसी का समीर गिरफ्तार किए गए हैं। उनके दो साथी भाग निकले। गिरफ्तार बदमाशों से अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो, तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं। बदमाशों ने पूछताछ में बताया है कि वे दो करोड़ फिरौती वसूलना चाहते थे, लेकिन अभी फोन भी नहीं कर पाए थे।

पूरे शहर ने खुशी मनाई

दिव्य की वापसी के लिए मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, स्कूलों समेत पूरे शहर में दुआ की गई थी। उसके मिलने पर  कई जगह मिठाइयां बांटी गईं। उसे देखने उसके घर इतनी भीड़ जुटी कि मदिया कटरा रोड जाम हो गया। दिव्य के परिवार ने पुलिस व पूरे शहर का आभार जताया।

सीएम बोले... दिव्य तुम बहादुर हो

अखिलेश यादव दिव्य से मिले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बुलावे पर अपनी मां नेहा और पिता प्रतीक के साथ आए दिव्य खेरिया एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज पहुंचा। लाउंज के बाहर ही अखिलेश यादव ने उनसे कुछ पल के लिए वार्ता की। अखिलेश ने उसे दुलारा। पूछा कि वह इतने दिन अपने माता-पिता से दूर रहा, उसे डर नहीं लगा। दिव्य ने ‘ना’ में सिर हिलाया।

सीएम ने कहा, ‘दिव्य तुम बहुत बहादुर हो।’ उन्होंने पूछा कि बदमाशों ने परेशान तो नहीं किया। दिव्य ने फिर कहा, नहीं। मुख्यमंत्री ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए कहा, ‘डरने की कोई बात नहीं है। खूब मन लगाकर पढ़ना।’ दिव्य की मां मोना ने उनके सामने हाथ जोड़कर सिर्फ इतना कहा, ‘सर आपने तो चमत्कार कर दिया।’
 
यहां आप परेशान थे, और वहां मैं

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं समझ सकता हूं कि जिसका बेटा उसकी आंखों की सामने उठा लिया जाए उस पर क्या बीत रही होगी। ऐसी घटनाओं से सरकार की भी फजीहत हो जाती है। आप यहां दुखी थे तो मैं भी वहां लखनऊ में इस घटना को लेकर परेशान था। ग्वालियर से (वहां दिव्य के नाना रहते हैं) भी मेरे पास फोन आया था।’ अब सब ठीक हो गया है। दिव्य के पिता ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। जब वह चलने लगे तो परिवार के लोगों ने अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे भी लगाए।

बदमाशों ने दिव्य को खिलाई पेटीज, पिलाई कोल्ड ड्रिंक

दिव्य के अपहरणकर्ता - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
दिव्य का अपहरण तो बड़ी बेरहमी से किया। साइकिल चला रहे दिव्य झटके से उठाकर जबरन बाइक पर बिठा लिया था। वह रो रहा था लेकिन जब बदमाश अपने ठिकाने पर पहुंच गए तो उनका व्यवहार कुछ नरम हो गया। दिव्य ने बताया कि  बदमाश उससे कई बार पूछते थे कि उसे भूख तो नहीं लग रही। उसे खाने के लिए बिस्कुट, पेटीज देते। कई बार दाल और चावल भी दिया।

दिव्य ने बताया कि उसे कई जगह रखा गया। बाइक पर थोडे़ देर ही रहा। फिर उसे कार में बिठा लिया गया था। वह चिल्ला रहा था, इसलिए उसका मुंह दबा रखा था। जब और थोड़ी दूर निकल गए तो उसने चिल्लाना बंद कर दिया। एक बदमाश ने कहा, ‘अच्छे बच्चे शोर नहीं मचाते, हम तुम्हें जल्दी ही तुम्हारे घर भेज देंगे।’ इसके बाद न उसने शोर मचाया और न ही बदमाशों ने सख्ती की।

उसे सुबह चाय और बिस्कुट देते। उसने 14 मार्च की सुबह चाय नहीं पी तो दूध मंगाया। दोपहर खाने को दाल-चावल दिया। अक्सर यही मंगाते थे। कोई खाना लेकर आता था। उसकी आंखों पर पट्टी नहीं बांधी गई थी। उसके पापा ने उससे मिली जानकारी के आधार पर बताया कि उसे जहां भी रखा गया, वहां पंखा लगा था। बदमाशों ने उसे एक बार कोल्ड ड्रिंक भी पिलाई।

अंकल मुझे घर भेज दो, प्लीज

मां मोना ने दिव्य के हवाले से बताया कि उसने बदमाशों की हर बात मानी। कहते बैठ जा, तो बैठ जाता, सोने के लिए कहते, तो पलंग पर लेट जाता। उसे घर की आ रही थी। बदमाशों से बहुत धीमे से कहता था, ‘अंकल मुझे घर भेज दो प्लीज। मेरे मम्मी-डैडी और दादा-दादी को नींद नहीं आ रही होगी। मेरा छोटा भाई भी परेशान होगा।’
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पिंटू के कैमरों ने कर दिया कमाल

सीसीटीवी - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
दिव्य अपहरणकांड के खुलासे के कई नायक हैं। इनमें से ही एक पिंटू भी हैं। वह टीचर, जो दिव्य के घर के ठीक सामने रहते हैं। उनके घर पर लगे चार सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से ही पुलिस को बदमाशों का सुराग मिला। पिंटू ने ही पुलिस और एसटीएफ को महीने भर की रिकार्डिंग मुहैया कराई। रात-रात भर जागकर इसे खुद देखा। पुलिस को बताया कि इसमें क्या-क्या संदिग्ध नजर आ रहा है। 13 मार्च की रात जब दिव्य का अपहरण हुआ था।

उसके तुरंत बाद बदमाशों के पीछे दो लोग भागे थे। एक तो दिव्य की मां मोना थीं, जो कार में थीं। दूसरे, पिंटू जो बाइक से गए। इसके बाद लौटते ही सबसे पहले फुटेज देखे। दिव्य के मिलते ही पिंटू माला लेकर पहुंचे। दिव्य के गले में माला डाली। बता दें, मदिया कटरा रोड पर पुलिस ने 20 सीसीटीवी चेक किए थे। इनमें से 16 बंद मिले थे। चार से ही फुटेज मिल पाए थे। इनमें सबसे स्पष्ट तस्वीरें पिंटू के कैमरों से मिलीं।

बड़े काम की चीज हैं कैमरे

एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे बडे़ काम की चीज हैं। अपराधियों का पता लगाने में फुटेज से बड़ी मदद मिलती है। कई मामले इनकी मदद से खुल चुके हैं। फुटेज से न केवल सही जानकारी मिलती बल्कि क्राइम सीन भी सामने आ जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को न केवल कैमरे लगवाने चाहिए, बल्कि  इनकी उचित देखरेख भी करनी चाहिए।

‘बोलेरो संदिग्ध है सर’

पिंटू ने ही पुलिस को बताया था कि घटना के समय गुजर रही बोलेरो कार भी संदिग्ध है। शुरू में फुटेज से लग रहा था कि बदमाश बाइक और सफेद रंग की रिट्स कार से आए। लेकिन गौर से देखने पर साफ हुआ कि बाइक सवार बदमाशों ने बोलेरो में बैठे बदमाश को इशारा किया। खुलासा होने पर साफ हो गया कि पिंटू का शक एकदम सही था। बदमाशों के पास बोलेरो मिली है।
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