फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ओपिनियन पोल पर प्रतिबंध की मांग वाली याचिका

Sat, 10 Mar 2018 09:44 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
विज्ञापन
Supreme Court hearing on Saturday - फोटो : Getty Images
विज्ञापन
चुनाव पूर्ण सर्वेक्षणों के प्रकाशन और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इसमें चुनाव की अधिसूचना जारी होने से सभी चरणों के चुनाव खत्म होने तक ओपिनियन पोल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इस याचिका को सुनने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविल्कर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, ‘कई लोग विशेषज्ञ होते हैं। यह किसी का व्यक्तिगत अधिकार है कि वह हालात की विश्लेषण करे और अपना मत दे। भले ही यह कोई घटना हो या चुनाव।’ यह याचिका वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल की गई थी। उनकी ओर से वकील गोपाल शंकर नारायण ने कहा कि अनियमित जनमत सर्वेक्षण आगामी चुनावों को लेकर गलत और झूठे अनुमानों का प्रसार करते हैं। यह मतदाताओं के व्यवहार को प्रभावित करता है। 

संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत सूचना प्राप्त करने की आजादी और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा को नुकसान पहुंचाता है। इस पर पीठ ने कहा कि ओपिनियन पोल को लेकर पहले से कई नियम हैं। पीठ ने कहा, यह किस तरह की याचिका है। हम एग्जिट और ओपिनियन पोल को लेकर चिंतित नहीं हैं। हम इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। 
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें