सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को एक तत्काल सुनवाई के दौरान जून में होने वाली 10वीं की शेष परीक्षाओं को रद्द करने की एक याचिका को खारिज कर दिया है। राज्य सरकार के एक वकील ने कहा कि शेष बची इन दो परीक्षाओं को राजस्थान की माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 29-30 जून को आयोजित किया जाना था।
बता दें कि इस याचिका को माघी देवी ने डाला था। जिसे जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की पीठ ने रविवार की शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की गई एक सुनवाई के दौरान खारिज कर दिया। वहीं इसके बाद राज्य सरकार की ओर से उपस्थित हुए वरिष्ठ वकील मनीष सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता की सुनवाई के बाद पीठ ने राज्य की इस याचिका को खारिज कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को एक अर्जेंट सुनवाई के दौरान जून में होने वाली 10वीं की शेष परीक्षाओं को रद्द करने की एक याचिका को खारिज कर दिया है। राज्य सरकार के एक वकील ने कहा कि शेष बची इन दो परीक्षाओं को राजस्थान की माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 29-30 जून को आयोजित किया जाना था।
बता दें कि इस याचिका को माघी देवी ने डाला था। जिसे जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और संजीव खन्ना की पीठ ने रविवार की शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की गई एक सुनवाई के दौरान खारिज कर दिया। वहीं इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से उपस्थित हुए वरिष्ठ वकील मनीष सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता की सुनवाई के बाद पीठ ने राज्य की इस याचिका को खारिज कर दिया है।
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई 10वीं और 12वीं की 1 से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। परीक्षाएं रद्द करने को लेकर कुछ अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। वहीं तीन राज्यों ने भी कहा था कि प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जिसके चलते परीक्षाएं अभी नहीं कराई जा सकती हैं। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से पूछा कि क्या परीक्षाएं रद्द की जा सकती हैं?
इसके बाद सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल सीबीएसई ने 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई के बीच होनी थी। हालात सामान्य होने पर 12वीं के छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा।
वहीं उन्होंने यह भी कहा कि 12वीं के छात्रों का पिछली तीन परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। अभी कई स्कूलों में आइसोलेशन सेंटर चल रहे हैं जिसके चलते परीक्षाएं नहीं कराई जा सकती हैं। इसके अलावा छात्रों को कुछ महीने बाद होने वाली इंप्रूवमेंट परीक्षा में भी शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा। स्टूडेंट्स चाहें तो इंप्रूवमेंट एग्जाम देकर अपने नंबर बेहतर कर सकते हैं।