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दिशा सालियान केस: सूरज पंचोली का नाम आने पर फिर छलका जिया खान की मां का दर्द, कहा- सच छिपाने का खेल चल रहा है

सार

दिशा सालियान केस में सीबीआई की जांच के दौरान फिल्म इंडस्ट्री के सूरज पंचोली का नाम आया है। अभिनेता सुशांत की मैनेजर रहीं दिशा की मौत साल 2020 में हुई थी। 2013 में जिया खान की मौत हुई थी। दोनों अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मामले आज भी चर्चा में हैं। जिया खान की मां ने सूरज पंचोली को लेकर गंभीर आरोप लगा थे। अब करीब 14 साल बाद उनका दर्द पर फिर छलका है। उन्होंने कहा कि सबूत मिटाकर सच छुपाने का खेल चल रहा है। जानिए पूरा मामला
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दिशा सालियान-सूरज पंचोली - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिवंगत एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान ने दिशा सालियान की मौत के मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर में एक्टर सूरज पंचोली का नाम सामने आने के बाद अपना पहला बड़ा बयान दिया है। बिना किसी का सीधा नाम लिए राबिया खान ने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी है। उन्होंने लिखा कि जब वो सुनती हैं कि छह साल पहले हुई एक और युवा लड़की दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में वही नाम दोबारा सामने आ रहा है, तो उन्हें बहुत गहरा दुख पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यह बात सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि हर किसी को सतर्क और सावधान करने वाली है।

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राबिया खान ने केस से जुड़े जरूरी सबूतों को संभालकर रखने के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वो अच्छी तरह जानती हैं कि जब सबूतों को जानबूझकर मिटा दिया जाता है या उनमें फेरबदल की जाती है, तो पीड़ितों के साथ कितना बड़ा धोखा होता है। एक बार जब मामले के मुख्य सबूत ही गायब या खराब हो जाते हैं, तो फिर जांच अधिकारियों और पीड़ित परिवारों के लिए सच को साबित कर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। राबिया ने दिशा सालियान के मामले में हाई कोर्ट की तरफ से मानी गई गड़बड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि शुरुआत में ही काफी लापरवाहियां हुई हैं।
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जिया की मां ने दावा किया कि अगर किसी मामले के सबसे अहम सबूत ही अब मौजूद नहीं रहेंगे, तो किसी भी नई जांच टीम को केस सुलझाने में बहुत बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि एजेंसियां अब कह रही हैं कि बिना सबूत के किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता। लेकिन सवाल यह है कि जब जरूरी सबूतों को पहले ही खत्म कर दिया गया है, तो फिर नई जांच से किसी को न्याय कैसे मिलेगा? राबिया ने अपनी बेटी जिया खान के केस से तुलना करते हुए कहा कि जिया की मौत को भी आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बता दिया गया था, लेकिन क्या कभी इस बात की ठीक से जांच हुई कि आखिर उकसाने की वजह क्या थी? उनका कहना है कि जो खेल जिया के मामले में खेला गया था, वही रुख अब दिशा के मामले में भी देखने को मिल रहा है।
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राबिया ने चिंता जताई कि सबूतों की कमी का फायदा उठाकर आरोपियों को आसानी से राहत मिल जाएगी। उन्होंने लिखा कि आने वाले वक्त में सबूत न होने का हवाला देकर इन सभी आरोपियों को बरी कर दिया जाएगा। उन्होंने सिस्टम पर सीधा सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर सच सामने लाने वाले सबूतों को सुरक्षित क्यों नहीं रखा जाता? इससे एक बार फिर एक और पीड़ित परिवार इंसाफ और जवाब की तलाश में दर-दर भटकने के लिए मजबूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सोचिए, हमारा सिस्टम बार-बार उन सबूतों को बचाने में नाकाम क्यों हो जाता है, जो किसी को न्याय दिला सकते हैं। राबिया ने कहा कि जिया की तरह दिशा भी पूरे सच की हकदार है। लोग बेवकूफ नहीं हैं, जब भी सिस्टम किसी को बचाने की कोशिश करता है, तो सच को दबाने के लिए एक नई कहानी बना दी जाती है।

गौरतलब है कि जिया खान ने साल 2007 में अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म 'निशब्द' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'गजनी' और 'हाउसफुल' जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया। 3 जून 2013 को मुंबई में स्थित अपने घर में वह सिर्फ 25 साल की उम्र में मृत पाई गई थीं। पुलिस ने उनकी मौत को आत्महत्या माना था और उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था। हालांकि, साल 2023 में विशेष सीबीआई कोर्ट ने सबूतों की कमी बताते हुए सूरज पंचोली को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बावजूद जिया की मां राबिया खान आज भी लगातार यही कह रही हैं कि उनकी बेटी ने खुदकुशी नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी।

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