देश और दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के बीच एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि वन्यजीवों के व्यापार और वन-कटाई के कारण मनुष्य और पशुओं के बीच नजदीकी बढ़ती जा रही है। नतीजतन पशुओं से इंसान में बीमारियां भी बढ़ रही हैं।
वर्ल्ड वाइड फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) फॉर नेचर ने अपनी रिपोर्ट में पशुओं से मनुष्य में फैलने वाली बीमारियों के प्रमुख कारकों पर ध्यान देने के लिए तत्काल वैश्विक कार्रवाई की मांग की है। 'कोविड-19: लोगों और प्रकृति को बचाने के लिए तत्काल आह्वान’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ दशकों में लोगों ने प्राकृतिक क्षेत्रों में सेंध बढ़ा दी है।
इसके परिणामस्वरूप मनुष्यों, मवेशियों और वन्यजीवों के बीच संपर्क बढ़ रहा है। इसका नतीजा यह है कि पशुओं में पनपने वाली और उनसे इंसानों में फैलने वाली नई (जूनोटिक) बीमारियों की संख्या पिछली सदी में तेजी से बढ़ गई हैं।'
इसमें कहा गया है कि हर साल करीब तीन से चार ऐसी नई बीमारियां सामने आ रही हैं। इन नई बीमारियों से मानव स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है और एचआईवी/एड्स, सार्स तथा हाल ही में कोविड-19 समेत घातक बीमारियां पैदा हो रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वनों की कटाई और भूमि परिवर्तन, उच्च जोखिम वाले वन्यजीवों का व्यापार, कृषि का विस्तार आदि पर्यावरण संबंधी कारक ऐसी बीमारियों के लिए जिम्मेदार हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंटरनेशनल के महानिदेशक मार्को लंबर्टिनी ने कहा, ‘हमें तत्काल प्रकृति के विनाश और मानव के स्वास्थ्य के बीच संबंधों को पहचानना होगा अन्यथा हम जल्द ही अगली महामारी देखेंगे।