अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वर्ष 2015 में भारत दौरे के दौरान उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता और धार्मिक आजादी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अकेले में बात की थी। उन्होंने तब कहा था कि धार्मिक आजादी न होने से लोग एक दूसरे के बीच अंतर देखने लगते हैं और समानताएं खत्म हो जाती हैं। हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
भारत के बहुसंख्यक समुदाय और सरकार को मिलकर अल्पसंख्यकों खासकर मुस्लिमों को आगे बढ़ाना होगा ताकि वे भारत के हिस्से के रूप में पहचान बना सकें। दिल्ली में ओबामा फाउंडेशन और अंग्रेजी समाचार पत्र के कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए ओबामा ने शुक्रवार को यह बात कही।
वर्ष 2015 में देश के कई हिस्सों से धर्मांतरण खासकर ईसाई समुदाय पर हमलों को लेकर हो रहे विवाद के चलते अपने दौरे के आखिरी दिन ओबामा ने सार्वजनिक रूप से भी धार्मिक सहिष्णुता संबंधी टिप्पणी की थी। उनके बयान को लेकर विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने मोदी सरकार को घेरा था।
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मोदी के पास देश के लिए विजन है
प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए ओबामा ने कहा कि नरेंद्र मोदी के पास देश के लिए विजन है। वह ब्यूरोक्रेसी को आधुनिक बना रहे हैं। वह उन्हें पसंद करते हैं। हम दोनों नौ बार मिल चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना दोस्त बनाते हुए ओबामा ने कहा कि उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण की नींव रखी।
भारत को वैश्विक स्तर पर भूमिका निभानी है
उन्होंने कहा कि भारत को एशिया ही नहीं, वैश्विक स्तर पर बड़ी भूमिका निभानी है। भारत वैश्विक स्तर पर पहले से ही अच्छा काम कर रहा है।