राहुल गांधी ने कहा, 'आइए अब ऑपरेशन सिंदूर की बात करते हैं। कल मैंने राजनाथ सिंह का भाषण देखा। जब लोग बोलते हैं तो मैं बहुत ध्यान से सुनता हूं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सुबह 1.05 बजे शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 22 मिनट तक चला। फिर उन्होंने सबसे चौंकाने वाली बात कही, 1.35 पर, हमने पाकिस्तान को फोन किया और उन्हें बताया कि हमने गैर-सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है। हम तनाव नहीं बढ़ाना चाहते। शायद उन्हें समझ नहीं आया कि उन्होंने क्या खुलासा किया। भारत के डीजीएमओ को भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की रात ही रात 1.35 बजे युद्धविराम के लिए कहने के लिए कहा था। आपने सीधे पाकिस्तान को अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति बता दी कि आपके पास लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है, कि आप लड़ना नहीं चाहते।'
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने एक और बहुत महत्वपूर्ण बात कही, हो सकता है कि उनका यह कहने का इरादा न रहा हो। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पाकिस्तानियों से कहा कि हम आपके किसी भी सैन्य ढांचे पर हमला नहीं करेंगे। मैंने युद्धाभ्यास की स्वतंत्रता की बात कही, वायु सेना को स्वतंत्रता की बात कही। इंडोनेशिया के रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन शिव कुमार ने कहा कि मैं उनसे सहमत नहीं हो सकता कि भारत ने इतने सारे विमान खो दिए, लेकिन मैं इस बात से सहमत हूं कि हमने कुछ विमान खो दिए। यह केवल राजनीतिक नेतृत्व द्वारा सैन्य प्रतिष्ठान और उनकी वायु रक्षा पर हमला न करने के लिए दिए गए प्रतिबंध के कारण हुआ। आप पाकिस्तान में गए, आपने पाकिस्तान पर हमला किया और आपने हमारे पायलटों से कहा - उनकी वायु रक्षा प्रणाली पर हमला न करें।
राहुल गांधी ने कहा, '...अगर आपने मेरी बात सुनी होती, तो आप वो 5 विमान नहीं खोते।' उन्होंने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने 11 मई को एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जब डीजीएमओ स्तर की वार्ता चल रही थी, तो पाकिस्तान ने वास्तव में कहा था कि हमें पता है कि फलां विमान कार्रवाई के लिए तैयार है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप उसे वापस बुला लें। उन्होंने ऐसा कहा है, तो यह बिल्कुल स्पष्ट है कि उन्हें चीन से युद्ध की जानकारी मिल रही थी।