जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार से राज्य के विभाजन को लेकर सवाल उठाया है। सुले ने यह भी कहा कि संसद में जम्मू-कश्मीर के विभाजन पर चर्चा फारूक अब्दुल्ला के बगैर हमेशा अधूरी रहेगी।
सुप्रिया सुले ने चर्चा के दौरान कहा, "आपने राज्य (जम्मू और कश्मीर) को विभाजित किया है, मुझे नहीं पता कि क्यों? आंध्र के बारे में बहुत बात की गई थी। जब बहस हुई थी तब मैं यहां थी। गलतियां दोहराने से वह सही नहीं बन जाती हैं। सिर्फ इसलिए कि उस समय कुछ गलत हुआ था, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको वही गलती दोहराने की जरूरत है। फिर इस और उस सरकार में क्या अंतर है?"
सुप्रिया सुले ने कहा, "आप राज्य का विभाजन कर रहे हैं, मेरा आपसे सिर्फ यह सवाल है कि आप वहां चुनाव कब कराएंगे जो निष्पक्ष और पारदर्शी हों? लद्दाख में विधानसभा क्यों नहीं है?"
सुले ने फारूक अब्दुल्ला का जिक्र करते हुए कहा, "मेरी बगल में फारूक अब्दुल्ला जी बैठते हैं और वो जम्मू-कश्मीर से चुनकर आए हैं। उनकी आवाज नहीं सुनाई दे रही है। यह चर्चा उनके बगैर हमेशा अधूरी रहेगी।"
गृह मंत्री अमित शाह ने इसका जवाब देते हुए कहा, "फारूक अब्दुल्ला को न गिरफ्तार किया गया है और न हिरासत में लिया गया है, वह अपनी मर्जी से अपने घर पर हैं।"
बता दें कि संसद में सोमवार को कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के फैसले का एलान करने से पहले घाटी में एनसीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।