51 देशों के राजनयिकों ने भाजपा की वरिष्ठ नेता और भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के लिए अलग-अलग शोक संदेश लिखे हैं। स्वराज ने मंगलवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में आखिरी सांस ली थी। 67 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। 51 देशों के राजनयिकों ने अपने शोक संदेश एक किताब में लिखे हैं। जिसे संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने व्यवस्थित किया गया था।
इसकी जानकारी भारत के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट के जरिए दी। उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'कूटनीति में शब्द मायने रखते हैं। दुनिया भर के राजनयिकों ने मैडम सुषमा स्वराज के अचानक निधन पर शोक व्यक्त किया है।' यह वीडियो 2.20 मिनट लंबा है। इसमें 51 देशों के राजनयिक सुषमा स्वराज और उनके परिवार के लिए अपने-अपने संदेश लिखते हुए नजर आ रहे हैं।
रूस, जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इटली, स्विट्जरलैंड, अर्जेंटिना, बहरीन, बांग्लादेश, भूटान, बोट्सवाना, ब्राजील, दक्षिण कोरिया, इजिप्ट, फिजी, जॉर्जिया, घाना, केन्या, मलेशिया, मालदीव, माल्टा, म्यांमार, नेपाल, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, श्रीलंका, अफगानिस्तान, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात सहित अन्य देशों के राजनयिकों ने संदेश लिखे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान स्वराज ने विदेश मंत्री की जिम्मेदारी निभाई थी। वह मोदी सरकार के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थीं।
विदेश मंत्री के तौर पर उनकी आत्मीयता, सरल स्वभाव ने उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया था। वह लोगों की परेशानियों को जल्द से जल्द सुलझाया करती थीं। विदेश में फंसे भारतीयों के लिए वह किसी दूत से कम नहीं थीं। ट्विटर पर वह लोगों की समस्या का संज्ञान लेकर उसका निदान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया करती थीं। कई ऐसी घटनाएं हैं जिसमें सुषमा ने ट्विटर के जरिए जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का कार्य किया है।