ओडिशा में भाजपा पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो वरिष्ठ नेता दिलीप रे और बिजॉय महापात्रा ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। एसे कयास लगाए जा रहे हैं कि रे और महापात्रा जल्द ही बीजू जनता दल (बीजेडी) में शामिल हो सकते हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लिखे अपने इस्तीफे में दोनों ने कहा कि कई नेता टिकट नहीं मिलने के डर से राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं।
पत्र मे दोनों ने लिखा, 'हमारे द्वारा आपके कल्याण के लिए दिए गए सुझावों को कुछ घमंडी, स्वार्थी लोगों द्वारा खतरे के आशय के रूप में समझा गया, जिन्होंने गंदी चालों का सहारा लिया और हमारे संबंधित क्षेत्रों में एक अभियान शुरू किया और हमारा उपहास करने की कोशिश की।' इस्तीफे में दोनों ने लिखा कि एक आत्मसम्मानी नेता के तौर पर ओडिशा की दशकों तक सेवा करने के बाद वे पार्टी में शोपीस के तौर पर बने रहने से इनकार करते हैं।
रे और महापात्रा ने पत्र में लिखा- “हमारे लिए राज्य हित सर्वोपरि है। उन्होंन कहा कि हम किसी भी पद, सत्ता या टिकट के लिए कभी भी अपने सम्मान या फिर राज्य के हित के साथ समझौता नहीं किया। हमारी तरफ से आपको यह सुझाव है कि कुछ लोग अपने हितों के लिए गलत तरीके से पार्टी अपना रहे हैं। हमारे क्षेत्र में उपहास उड़ाने के लिए कैंपेन चलाया, जो पार्टी के लिए खतरा है।”
दिलीप रे ने अपने इस्तीफा में लिखा है कि मैं इसे स्वीकार करता हूं कि मैं अपने क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। इसी बात की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। यह निर्णय मेरे लिए दुखदायी और पीड़ा वाला है।
रे जो इस समय राउरकेल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, उन्होंने राज्य विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया है। जबकि, वर्षों तक राजनीति में इधर-उधर, भटकनेवाले महापात्रा साल 2009 में बीजेपी से जुड़े और वे पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे। रे और महापात्रा जल्द ही बीजू जनता दल (बीजेडी) ज्वाइन कर सकते हैं।