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BJP vs TMC: 'खर्च का ब्योरा न दे पाने पर टीएमसी नेताओं को पेड़ से बांध दें', दिलीप घोष के बयान पर सियासत तेज

Sun, 25 Dec 2022 07:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

टीएमसी के राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने कहा कि दिलीप घोष इस तरह की टिप्पणी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह भाजपा के भीतर अपनी योग्यता साबित करना चाहते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि घोष को भाजपा के अन्य राज्य नेताओं द्वारा दरकिनार कर दिया गया है।
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दिलीप घोष - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में टीएमसी और भाजपा के बीच बयानबाजी जारी है। वहीं, अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने रविवार को भाजपा समर्थकों से कहा कि अगर टीएमसी के पंचायत सदस्य खर्च का ब्यौरा नहीं दे पाते हैं तो उन्हें हमारा सामना करना पड़ेगा। 

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जानकारी के मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने रविवार को अपने पार्टी समर्थकों से कहा कि अगर टीएमसी के पंचायत सदस्य विकास के लिए दिए गए धन का हिसाब देने में फेल साबित होते है  तो उन्हें पेड़ों से बांध देना चाहिए। उन्होंने यह बयान पुरबा बर्धमान के शक्तिगढ़ में पार्टी की एक बैठक में दिया। भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं ने पिछले पांच वर्षों में जनता के धन को लूटा है। अब लोग आगामी ग्रामीण चुनावों में उनके कुकर्मों का बदला लेंगे।

दिलीप घोष ने कहा कि 'पिछले पंचायत चुनाव में टीएमसी ने हमें नामांकन दाखिल करने की अनुमति नहीं दी। वे वोट लूट कर जीते थे। अब, जनता के सामने वे छिप गए हैं। पंचायतों द्वारा किए गए खर्चों का विवरण मांगने के लिए उनका सामना करना पड़ेगा।' टीएमसी पर आरोप लगाते हुए दिलीप घोष ने आगे कहा कि जिन लोगों ने जनता के पैसे से महल बनवाए, अपनी पत्नी-बेटी और दोस्तों को उपहार में आभूषण दिए। उनसे पैसे का हिसाब मांगिए और अगर वे हिसाब नहीं दे पाते हैं तो उन्हें पेड़ों से बांध दीजिए।
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वहीं, उनके इस बयान पर टीएमसी नेता ने भी पलटवार किया है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने कहा कि दिलीप घोष इस तरह की टिप्पणी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह भाजपा के भीतर अपनी योग्यता साबित करना चाहते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि घोष को भाजपा के अन्य राज्य नेताओं द्वारा दरकिनार कर दिया गया है। वहीं, पार्टी पर निशाना साधते हुए टीएमसी नेता ने कहा कि भाजपा केवल आतंक, बाहुबल, धमकी और शारीरिक हमले की भाषा जानती है। लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए उनके मन में कोई सम्मान नहीं है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति टीएमसी की नीति जीरो टॉलरेंस वाली है। टीएमसी का कोई पंचायत सदस्य अगर किसी दुष्कर्म में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। 

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