पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष
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पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने अपने ऊपर हुए हमले के लिए सीधे तौर पर सत्तारूढ़ टीएमसी और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) में बिमल गुरंग के धड़े को जिम्मेदार ठहराया है। घोष ने कहा, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद चाहती हैं कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए ताकि वह अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में विक्टिम कार्ड खेल सकें।
दिलीप घोष ने कहा, टीएमसी और गुरंग खेमे ने रची मेरे ऊपर हमले की साजिश
घोष ने कहा, ममता राज्य में 356 लागू करने के लिए केंद्र सरकार को मजबूर कर रही हैं। टीएमसी में माफिया और गुंडे हैं, जो लोगों को डराने के लिए हिंसा करते हैं। बंगाल के लोग भी कह रहे हैं कि जब तक यह सरकार रहेगी तब तक निष्पक्ष चुनाव नहीं हो पाएंगे। इसलिए राष्ट्रपति शासन जरूरी है। बृहस्पतिवार को अलीपुरद्वार जिले में मेरे काफिले पर हुआ हमला सुनियोजित था। टीएमसी नेताओं को इसकी जानकारी थी और पुलिस ने इसे रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
पहाड़ी क्षेत्रों में पैसे बांट रही टीएमसी
घोष ने कहा, ममता की पार्टी ने उन ताकतों से हाथ मिलाया है, जिन्हें पहले वह ‘राष्ट्रविरोधी’ कहा करती थीं। ऐसा इसलिए कि टीएमसी की नजर पहाड़ी क्षेत्र की तीन विधानसभा सीटों पर है। सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी जैसे पहाड़ी इलाकों में प्रभाव और समर्थन बढ़ाने के लिए टीएमसी पैसे बांट रही है।
मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकता: राज्यपाल
भाजपा अध्यक्ष के काफिले पर हुए हमले पर बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राज्यपाल धनखड़ ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर जताई चिंता जताते हुए कहा कि वह मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकते। बंगाल में राजनीतिक हिंसा और प्रतिशोध का माहौल है। वह पहले भी राज्य में खराब कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला बोलते रहे हैं।